प्रचण्ड तेजस्वी सन्त – भाग 3
आदि शंकराचार्य- हिन्दू धार्मिक मान्यता के अनुसार इनको भगवान शंकर का अवतार माना जाता है। इन्होंने लगभग पूरे भारत की यात्रा की और इनके जीवन का अधिकांश भाग उत्तर भारत में बीता। चार पीठों (मठ) की स्थापना करना इनका मुख्य …
आदि शंकराचार्य- हिन्दू धार्मिक मान्यता के अनुसार इनको भगवान शंकर का अवतार माना जाता है। इन्होंने लगभग पूरे भारत की यात्रा की और इनके जीवन का अधिकांश भाग उत्तर भारत में बीता। चार पीठों (मठ) की स्थापना करना इनका मुख्य …
हर 15 अगस्त और 26 जनवरी को मैं सोचता हूँ कि साल-भर में कितने बढ़े। न सोचूँ तो भी काम चलेगा – बल्कि ज्यादा आराम से चलेगा। सोचना एक रोग है, जो इस रोग से मुक्त हैं और स्वस्थ हैं, …
श्री विनोद बिहारी गर्ग, विशनगढ़ का कहना है कि आजकल शहरों में बच्चों की सुरक्षा भी एक पेचीदा समस्या है। लड़के स्कूल में पढऩे जाते हैं, वहां कोई जन्मजात दुष्ट प्रकृति के ऐसे लड़के मिल जाते हैं जो अपनी बदमाशी …
महर्षि अरविन्द – इनका मूल नाम अरबिंदो घोष है । आधुनिक काल में भारत में अनेक महान क्रांतिकारी और योगी हुए हैं, अरबिंदो घोष उनमें अद्वितीय हैं। अरविंदो घोष कवि और भारतीय राष्ट्रवादी थे जिन्होंने आध्यात्मिक विकास के माध्यम से …
चौधरी अमरसिंह जी, इन्दौरा लिखते हैं कि अन्य साधनाओं की अपेक्षा मैं गायत्री मंत्र को इस वास्ते महव देता हूं कि जब मैं इस साधन के पूर्व अन्य प्रणालियां से साधना करता रहा तो किसी भी सिद्घि की प्राप्ति मुझे …
चैतन्य महाप्रभु – भक्तिकाल के प्रमुख कवियों में से एक हैं। इन्होंने वैष्णवों के गौड़ीय संप्रदाय की आधारशिला रखी। भजन गायकी की एक नयी शैली को जन्म दिया तथा राजनीतिक अस्थिरता के दिनों में एकता की सद्भावना को बल दिया, …
श्रीमती चन्द्रकान्ता जेरथ बी.ए. दिल्ली लिखतीं हैं कि मुझे बचपन से ही गायत्री मन्त्र सिखाया गया था सो स्नान के बाद इसका 108 बार उच्चारण करने का स्वभाव हो गया था। पिता जी से सत्यवादी होना तो सीखा हुआ था …
श्री गोपीनाथ कविराज – ये संस्कृत के विद्वान और महान दार्शनिक थे। योग और तंत्र के प्रकांड विद्वान डॉ. गोपीनाथ कविराज का जन्म 7 सितम्बर 1887 ई. में ढाका (अब बंगलादेश में) ज़िले के एक गाँव में हुआ था। बचपन …
पं. राधेश्याम शर्मा पोस्ट मास्टर दीक्षितपुरा लिखते हैं कि जब से मैंने गायत्री माता की शरण ली, तब से मेरा जीवन उत्तरोत्तर उन्नतशील दृष्टिगोचर होता है। पहले की अपेक्षा मुझे अपने स्वभाव में पर्याप्त परिवर्तन दृष्टिगोचर होता है। क्रोध व …
बाला जी (राजस्थान) – यहाँ भूत-प्रेतादि उपरी बाधाओं के निवारणार्थ यहां आने वालों का तांता लगा रहता है। तंत्र-मंत्रादि, उपरी शक्तियों से ग्रसित व्यक्ति भी यहां पर बिना किसी दवा-दारू और तंत्र मंत्रादि से स्वस्थ होकर लौटते हैं। राजस्थान के …
(भाई राजीव दीक्षित सही मायने में आधुनिक युग के निर्भीक कान्तिकारी थे जिन्होंने कानपुर आई आई टी से M. TECH और अन्य कई बड़े साइंस प्रोजेक्ट से जुड़ने के बावजूद अपना सुनहरा वर्तमान और भविष्य छोड़ कर पूरी तरह से …