संयुक्त राष्ट्र संघ के पर्यावरणीय उपक्रम “ग्लोबल वेस्ट वॉटर इनिशिएटिव” का मेंबर बना “स्वयं बनें गोपाल” समूह

आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, “जल ही जीवन है” इसलिए प्रदूषित हो चुके जल को फिर से बेशकीमती स्रोत में बदलने के लिए, दुनिया के सभी इच्छुक देशों की

भारत का एकमात्र और विश्व का आठवां पर्यावरणीय कार्यक्रम, जो इस वर्ष संयुक्त राष्ट्र संघ की इस वेबसाइट पर प्रकाशित हुआ

आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, यह गजब की विडंबना है कि इंसान अपने स्वास्थ्य के लिए तो बहुत सजग रहता है, लेकिन इंसान को स्वस्थ बनाने के लिए जो

संयुक्त राष्ट्र संघ के महिला सशक्तिकरण अभियान का मेंबर बना हमारा सहायक संस्थान

आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, पूरे विश्व में महिला सशक्तिकरण के अभियान को बढ़ावा देने के लिए, संयुक्त राष्ट्र संघ का उपक्रम है- “विमेंस एम्पावरमेंट प्रिंसिपल्स” (UN Women’s Empowerment

पूरे विश्व के सिर्फ 20 ऐसे पर्यावरणीय कार्यक्रम, जो इस वर्ष संयुक्त राष्ट्र संघ की वेबसाइट पर प्रकाशित हुए

आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, एक लोकोक्ति है कि- “जंगल हैं तो जल है, जल है तो जीवन है” जंगलों की इतनी प्रचंड महिमा को ही प्रसारित करने के

जर्मनी, फ्रांस, स्विट्ज़रलैंड समेत 53 देशों की सरकारों के साथ – साथ “स्वयं बनें गोपाल” समूह भी मेम्बर बना इस विश्वप्रसिद्ध कृषि उपक्रम का

आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, जैसा की हमने पूर्व के आर्टिकल्स में बताया है कि पर्यावरण सरंक्षण जैसी सबसे कठिन समस्या का पूर्ण निस्तारण तभी सम्भव है, जब पर्यावरण

153 देशों को सदस्य बनाकर, सामुद्रिक विज्ञान व प्रबंधन करने वाली संस्था की वेबसाइट पर “स्वयं बनें गोपाल” समूह प्रकाशित

आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, जैसा की हमने अपने 3 वर्ष पूर्व प्रकाशित आर्टिकल में बताया था की यूनेस्को के सामुद्रिक उपक्रम “ओशन एक्सपर्ट” (Ocean Expert) ने भी “स्वयं

संयुक्त राष्ट्र संघ की वेबसाइट में प्रकाशित, वे 9 भारतीय कार्यक्रम जो पर्यावरण सरंक्षण में पशुपालन महात्म्य की जागरूकता बढ़ाते हैं

आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 2026 को, “अंतर्राष्ट्रीय चारागाह और पशुपालक वर्ष” (International Year of Rangelands and Pastoralists – IYRP) घोषित किया है !

G7, G20, यूरोपियन यूनियन, अमेरिका – फ्रांस – जापान समेत कई देशों की सरकारों के साथ – साथ “स्वयं बनें गोपाल” समूह भी मेम्बर बना इस ग्लोबल पार्टनरशिप का

आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, वास्तव में समुद्रों का सरंक्षण दुनिया की सबसे ज्वलंत समस्याओं में से एक है और पृथ्वी पर स्थित जीवों का जीवनचक्र सुगमता पूर्वक चलते

193 देशों की प्रतिबद्धता से तैयार, पर्यावरणीय उपक्रम को लागू करने में मदद कर रहा है “स्वयं बनें गोपाल” समूह

आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, संयुक्त राष्ट्र संघ के 193 देशों द्वारा, पूरी पृथ्वी के पर्यावरण सरंक्षण के लिए ली गयी प्रतिबद्धता यानी “टेन वाई. एफ. पी.” (10YFP) को

संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा, पूरे विश्व के पारिस्थितिकी तंत्र के पुनर्निर्माण पर निगरानी रखने वाले उपक्रम का हिस्सा बना “स्वयं बनें गोपाल” समूह

आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, जैसा की सभी को पता है कि संयुक्त राष्ट्र संघ लगातार प्रयास कर रहा है पूरे विश्व के पारिस्थितिकी तंत्र का फिर से कायाकल्प

56 कॉमनवेल्थ देशों के सेक्रेटरिएट और संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा संचालित उपक्रम, में “पॉलिसी मेकर” (नीति निर्माता) का दायित्व मिला हमारे स्वयं सेवक को

आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, जैसा की सभी को पता है कि, दुनिया के कई बड़े मुद्दों को हल करने के लिए , विश्व के 56 देशों की सरकारों

संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 193 देशों के साथ विमर्श से तैयार, “ए. आई. व डिजिटल टेक्नोलॉजी” के वैश्विक नियंत्रक समझौते के समर्थक समूह में शामिल हुआ “स्वयं बनें गोपाल”

आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, पिछली सदी (यानी सन 1900) को परमाणु सदी माना जाता है क्योकि पिछली सदी की सबसे महत्वपूर्ण खोज, परमाणु सम्बंधित अविष्कारों को माना जाता

फ्रांस सरकार व संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा आगामी उच्चस्तरीय सभा के एक्शन पैनल में मदद की “स्वयं बनें गोपाल” समूह ने

आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, आश्चर्य की बात है कि आज भी बहुत से लोग एकदम अनजान है इस भयंकर खतरे के बारे में कि हमारी दुनिया के कई

दुनिया के नंबर वन इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टिट्यूट “एम. आई. टी.” (MIT USA) ने अपने उपक्रम के लिए “स्वास्थ्य व अर्थव्यवस्था का रिव्यूअर (परीक्षक)” नियुक्त किया हमारे 2 स्वयं सेवकों को

आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, अमेरिका देश में स्थित “एम. आई. टी.” यानी मैसाचूसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (Massachusetts Institute of Technology; https://web.mit.edu/) को पूरे विश्व का नंबर वन इंजीनियरिंग

यूनेस्को के सामुद्रिक उपक्रम ने भी “स्वयं बनें गोपाल” समूह को स्वीकृत किया

आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, यूनेस्को के सामुद्रिक उपक्रम “ओशन एक्सपर्ट” (Ocean Expert; https://oceanexpert.org/) ने भी “स्वयं बनें गोपाल” समूह को स्वीकृत किया है, जिसे देखने के लिए कृपया

जानिये यूनेस्को नेशनल कमीशन, वर्ल्ड फ़ूड फोरम, वर्ल्ड बिजनेस कौंसिल फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट, “स्वयं बनें गोपाल” समूह आदि के एक्सपर्ट्स द्वारा निर्मित संयुक्त राष्ट्र संघ की फ़ूड सिस्टम समिट की रिपोर्ट के बारे में

आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था “यू. एन. फ़ूड सिस्टम कोआर्डिनेशन हब” (UN Food Systems Coordination Hub; https://www.unfoodsystemshub.org/en) ने खाद्य व्यवस्था में कायाकल्प (सम्पूर्ण सुधार)