खाने का सही तरीका (खाना सीखना कोई मजाक नहीं है)
कैसे खाएँ — खाना बैठकर ही खाएं । कौर को अच्छी तरह चबाएं। मुंह में चबाए गए कौर में लार मिलती है, जो पाचन में सहायक होती है। इससे पाचन सम्बन्धी विकार नहीं होते और भोजन से संतुष्टि भी मिलती …
कैसे खाएँ — खाना बैठकर ही खाएं । कौर को अच्छी तरह चबाएं। मुंह में चबाए गए कौर में लार मिलती है, जो पाचन में सहायक होती है। इससे पाचन सम्बन्धी विकार नहीं होते और भोजन से संतुष्टि भी मिलती …
तीन ग्रन्थि से आबद्ध आत्मा को जीवधारी, प्राणी या नर पशु माना गया है। वही भव बन्धनों में बँधा हुआ कोल्हू के बैल की तरह परायों के लिए श्रम करता रहा है। ग्रन्थियों को युक्ति पूर्वक खोलना पड़ता है। बन्धनों …
श्री भूरेलाल जी वैद्य, हर्रई लिखते हैं कि पं. नर्मदाप्रसाद शास्त्री भदरस कानपुर के रहने वाले विद्यावान भाग्यवश हर्रई (जागीर) के राम मन्दिर में आकर पुजारी हो गये थे, ईश्वर कृपा से उनके पास आया जाया करता था। एक रोज …
यहाँ पर जिस दवा के बारे में बताया जा रहा है, उस दवा को रोज रोज पूर्ण विधि विधान से ग्रहण करने पर दुनिया के हर रोग में धीरे – धीरे निश्चित ही फायदा मिलता है और इस बात की गारंटी …
(भाई राजीव दीक्षित सही मायने में आधुनिक युग के निर्भीक कान्तिकारी थे जिन्होंने कानपुर आई आई टी से M. TECH और अन्य कई बड़े साइंस प्रोजेक्ट से जुड़ने के बावजूद अपना सुनहरा वर्तमान और भविष्य छोड़ कर पूरी तरह से …
शा. मोड़कमल केजड़ीवाल, कलकत्ता लिखते हैं कि जोधपुर राज्य के एक गाँव में हमारी जन्मभूमि है। हिन्दी मिडिल पास करने के बाद पास के गाँव में प्राइमरी स्कूल का अध्यापक हो गया। 12 रु. मासिक तनख्वाह के मिलते थे। परिवार …
श्री शंभूचरण विश्वनोई, वीरपुर लिखते हैं कि हमारे पिता जी बड़े चतुर और बुद्घिमान थे। उन्होने अपने हाथों लगभग दस लाख की सम्पत्ति कमाई थी। जमींदारी, देन-लेन, घी और गल्ले का व्यापार तथा और भी अनेक मार्गों से उनकी आमदनी …
सिर्फ 2 काम जो किसी को भी निश्चित धनवान बना दे- (1) – तामसिक भोजन -मांस मछली अण्डे शराब बीड़ी सिगरेट गुटखा तम्बाखू आदि सामानो का सेवन बिलकुल ही ना करना और ऐसे लोग जो ऐसा तामसिक भोजन करते है …
– जहाँ कहीं भी आपको, काँटा कोइ लग जाय। दूधी पीस लगाइये, काँटा बाहर आय – मिश्री कत्था तनिक सा, चूसें मुँह में डाल। मुँह में छाले हों अगर, दूर होंय तत्काल – पौदीना औ इलायची, लीजै दो-दो ग्राम। खायें …
श्री लक्ष्मीनारायण श्रीवास्तव वकील कनकुआ लिखते हैं कि एक वर्ष के पहले मुझे साढ़े साती आया था । जिस काम में हाथ डालता था, उसी में हानि होती थी । हानि पर हानि से में बहुत विचलित हो उठा – …
9 महीने तक नियम से सुबह शाम आधा घंटा प्राणायाम को परहेजों के साथ करने से निश्चित रूप से हर खतरनाक से खतरनाक बीमारी में भी आराम मिलते देखा गया है ! प्राण स्वस्थ हो तो शरीर को कोई भी …
श्री बामन जी तरुड़कार ,बेतूल लिखते हैं कि मेरे पिताजी गायत्री के अनन्य भक्त हैं। उनका अधिकांश समय गायत्री उपासना में जाता है। 24 लक्ष का अनुष्ठान कर चुके हैं और सवा करोड़ की साधना में लगे हुए हैं। पिता …
श्री बैजनाथ भाई रामजी भाई गुलारे का कहना है कि गायत्री की पूजा में धर्म और अर्थ दोनों का लाभ है, इसलिए दूसरी पूजाओं के बजाय मुझे यही अधिक प्रिय है। गायत्री की मैंने बड़ी प्रशंसा सुनी थी। कई व्यापारियों …
कमल का सब रुपया उड़ चुका था-सब सम्पत्ति बिक चुकी थी। मित्रों ने खूब दलाली की, न्यास जहाँ रक्खा वहीं धोखा हुआ! जो उसके साथ मौज-मंगल में दिन बिताते थे, रातों का आनन्द लेते थे, वे ही उसकी जेब टटोलते …
भीत-सी आँखोंवाली उस दुर्बल, छोटी और अपने-आप ही सिमटी-सी बालिका पर दृष्टि डाल कर मैंने सामने बैठे सज्जन को, उनका भरा हुआ प्रवेशपत्र लौटाते हुए कहा – ‘आपने आयु ठीक नहीं भरी है। ठीक कर दीजिए, नहीं तो पीछे कठिनाई …
चिकित्सा की अन्य पद्धतियों की तरह एक्युप्रेशर भी इलाज का एक बेहतरीन तरीका होता हैं। अब ये तरीके अपने यहां भी इस्तेमाल में लाए जा रहे हैं। एक्युप्रेशर में एक्यु चीनी भाषा का शब्द है, जिसका मतलब है पॉइंट, यानी …