अगर गूँगा, पागल, बकवासी, धृष्ट, मूर्ख, डरपोक और निकृष्ट कुल की गाली सुनने का जिगर हो तो ही इसे शुरू करियेगा…

एक सिद्ध योगी थे । अपनी सिद्धियों के द्वारा अनेक कार्य शीघ्र सम्पन्न कर देते थे । किन्तु उन्हें अपने हृदय में शान्ति का अनुभव नहीं होता था । उन्होंने सोचा जब शान्ति ही नहीं तो इन सिद्धियों से क्या …

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5000 साल पहले हुई भविष्यवाणी कितनी सटीक साबित हो रही है

ये प्रसंग है, अनन्त ब्रह्माण्ड नायक योगेश्वर श्री कृष्ण और उनके परम प्रिय पांडु पुत्रों का | महाभारत के अति भीषण युद्ध में जीत के बाद जब सब कुछ सामान्य तरीके से चलने लगा तब एक दिन श्री कृष्ण ने …

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देवभाषा संस्कृत में लिखे बच्चों, बूढों और जवानों के लिए कुछ नियम

  पिता रत्नाकरो यस्य, लक्ष्मीर्यस्य सहोदरी । शङ्खो भिक्षाटनं कुर्यात्, फलं भाग्यानुसारतः ।। मतलब – पिता जिसका सागर है, और लक्ष्मी जिसकी बहन है (यहाँ शंख की बात हो रही है, जो सागर से उत्पन्न होता है, और क्योंकि लक्ष्मी …

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लकवा, पागलपन, घबराहट, डर, स्ट्रेस, डिप्रेशन, मेमोरी लॉस आदि सभी मानसिक रोगो में गारन्टीड फायदा देगी यह मुद्रा

ये कोई कोरी कल्पना नहीं है, बल्कि हार्ड कोर, वेरी एनसीएन्ट साइंस है जिसका नाम है “योग” जिसके प्रथम प्रणेता थे अनन्त शक्तिशाली, जन्म – मृत्यु से रहित, सबको बनाने, पालने और बिगाड़ने वाले महादेव भगवान शिव शंकर और इन्ही …

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सैकड़ो रोगो में फायदा है अर्जुन

अर्जुन एक बहुत शक्तिशाली और बहुउपयोगी पौधा है ! अर्जुन की लगभग 15 प्रजातिया पाई जाती है पर उनमे से एक ही संभवत: ह्रदय रोग के लिए फायदेमंद है ! अगर आपको शुद्ध अर्जुन मिलने में समस्या आये तो आप …

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कई महान आश्चर्यों को अपने में समेटा है पुरी का श्री जगन्नाथ मंदिर

वैसे तो उड़ीसा के पुरी मंदिर को कलियुग का साक्षात मोक्षदायिनी तीर्थ कहा गया है और जहा साक्षात जगन्नाथ भगवान कृष्ण विराजते हो उस स्थल पर अनगिनत दृश्य – अदृश्य आश्चर्य होंगे जिनके बारे में बहुत से लोग जानते या …

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जानिये बारिश के पानी के औषधीय गुण

बारिश के पानी का कोई चिकित्सकीय लाभ भी हो सकता है ऐसा बहुत से लोगो को बिलकुल नहीं पता। पर हां सावन के महीने की शुरू की चार पांच बारिश के पानी को छोड़कर, अन्य सभी बारिश के पानी को …

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धर्म पिता के धर्म पुत्र का धर्म

पांड़ु पुत्र युधिष्ठर के बारे में चर्चा करते ही लोग उनके जुए में सर्वस्व हारने की बात याद करते है पर ये भूल जाते है की युधिष्ठर जी से बड़ा धर्मात्मा त्यागी बलिदानी मानव, विरला ही इस धरती पर जन्म …

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मृत गाय माता का पुर्नजन्म

संत अपनी योग विभूतियों को जगजाहिर नहीं करते लेकिन जरुरत पड़ने पर कृपा करने से पीछे भी नहीं हटते। मिथिला के बनगाँव के श्री कारी खाँ ने स्वामी जी को दूध पीने के लिए एक गाय दी थी। नित्य प्रति …

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बड़े बुजुर्गो द्वार दिया गया अनुभवी ज्ञान

– जो कार्य बड़े हथियार से नहीं किये जा सकते वो कार्य आदमी की प्रकृति परखकर करवाए जा सकते हैं। जैसे की अहंकारी के सामने हाथ जोड़ कर, मूर्ख के साथ उसको जैसी इच्छा हो वैसा बर्ताव की छूट देकर, …

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पूरे विश्व के बारह शिवलिंग एक ही स्थान पर, वह भी भगवान श्री राम द्वारा स्थापित

मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार ने भी उस रामपथ को खोजने की शुरूआत की है जो अयोध्या से चित्रकूट होता हुआ दण्डकारण क्षेत्र से पंचवटी होते हुआ रामेश्वरम जाता है ! क्या भगवान श्री राम उस दण्डकारण क्षेत्र से होते हुये …

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क्यों है महाबली शनि देव के हाथ में दण्ड

शनि देव के कर्मों को लेकर अक्सर लोगो में भ्रम बना रहता है की शनि देव इतने क्रोधी और दुःख देने वाले क्यों है । पर लोगो को यह नहीं समझ में आता की कष्ट उन्हें शनिदेव नहीं उनके पूर्व …

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एक जीभ चार जबान

वाणी सामान्य अर्थों में वह कही जाती है जो जिह्वा से कही और कानों से सुनी जाये। इसका एक स्वरूप लेखन और वाचन भी हो सकता है। यह स्थूल वाणी है जो विचारों के आदान-प्रदान में काम आती है। इस …

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अमेरिका की धर्म सभा में श्री विवेकानंद का आगाज

(श्री विवेकानंद का भाषण सन 1893 में, अमेरिका के शिकागो में)- अमेरिका के बहनो और भाइयों, आपके इस स्नेहपूर्ण और जोरदार स्वागत से मेरा हृदय अपार हर्ष से भर गया है। मैं आपको दुनिया की सबसे प्राचीन संत परंपरा की …

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कमजोर और बीमार शरीर तुरन्त रिस्टोर व रिफ्रेश होने लगता है ध्यान में

ध्यान की विभिन्न स्थितियों का अनुसंधान कर रहे वैज्ञानिकों ने पाया हैं कि ध्यान (dhyan) की अतल गहराई में प्रविष्ट होने पर साधक के शारीरिक एवं मानसिक क्रिया-कलापों में एकरसता- साम्यता आती है। ऐसी स्थिति में ऑक्सीजन की खपत और …

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हस्त मुद्राऐं और उनके लाभ

ब्रह्म मुद्रा (Brahma mudra) – – रीढ़ की हड्डी और गर्दन सीधी रखते हुए गर्दन को धीरे-धीरे दाईं ओर ले जाएं, कुछ देर रुकें और फिर गर्दन को सीधे बाईं ओर ले जाएं। फिर कुछ सेकंड बाद पुनः दाईं ओर …

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