ये शरीर मरा तो, कारण शरीर जूझ गया (युग पुरुष के अथक प्रयास की महा गाथा)
युग पुरुष के पञ्च तत्वों का बना शरीर अपनी अन्तिम साँसे गिन रहा था ! समय था 2 जून 1990 (गायत्री जयंती) सुबह 8 बजे, गुरु माता जी का दाहिना हाथ अपने हाथ में लेकर अपना अंतिम सन्देश अपने उत्तराधिकारी …