मन सर्पिणी है जो भूख लगने पर अपने ही अंडे खा सकती है; इसलिए इसका फायदा उठाईये
परम आदरणीय ऋषि सत्ता से प्राप्त जानकारी अनुसार;- मानव मन हमेशा भूखा रहता है और मानव मन का भोजन है “विचार (अर्थात सोचना)” ! इसीलिए सभी मानवों का मन अपनी भूख को शांत करने के लिए, किसी ना किसी विषय …