ओपन ए आई (चैट जीपीटी), गूगल, एमेजॉन, माइक्रोसॉफ्ट जैसे सिग्नेटरीज़ वाले, यूरोपियन कमीशन के “ए आई पैक्ट” (AI Pact) की कम्युनिटी से “स्वयं बनें गोपाल” समूह भी जुड़ा

आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम,

सर्वप्रथम सभी आदरणीय पाठकों को याद दिलाना चाहेंगे कि पिछले वर्ष- संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 193 देशों के साथ विमर्श से तैयार, “ए. आई. व डिजिटल टेक्नोलॉजी” के वैश्विक नियंत्रक समझौते के समर्थक समूह में शामिल हुआ “स्वयं बनें गोपाल”

इसी परिप्रेक्ष्य में आगे बताना चाहेंगे कि, अब यूरोपियन कमीशन की संबंधित अथॉरिटी ने भी ईमेल द्वारा सूचित किया है कि ………………. “स्वयं बनें गोपाल” समूह को यूरोपियन कमीशन की “ए आई पैक्ट” कम्युनिटी से जोड़ दिया गया है ………………. और इस “ए आई पैक्ट” कम्युनिटी से विश्वप्रसिद्ध आविष्कारक, उद्योगपति, नीति निर्माता, शोधकर्ता आदि जुड़कर, आपसी सहयोग से एक अल्ट्रा मॉडर्न व सुरक्षित ए आई को, यूरोपियन देशों में विकसित करने में सहयोग देतें हैं !

यहाँ बताना चाहेंगे कि सभी 27 यूरोपीय देशों की सरकारों के संघठन, यानी यूरोपियन यूनियन की मुख्य कार्यकारी संस्था है- यूरोपियन कमीशन, जो इसके लिए कानून बनाने का प्रस्ताव रखती है और नीतियों को लागू कराती है (आदरणीय पाठकों की सुविधा के लिए, यूरोपियन यूनियन में शामिल सभी देशों की सरकारों का नाम, इसी आर्टिकल के नीचे दिया गया है) !

आईये अब जानतें है कि “ए. आई. पैक्ट” (Artificial Intelligence Pact ; ए आई गठबंधन) है क्या ………………. वास्तव में ए आई पैक्ट, यूरोपियन कमीशन का वो उपक्रम है, जिसे यूरोपियन यूनियन के “ए आई एक्ट” (यानी ए आई अधिनियम) के क्रियान्वयन से पहले, ए आई का इस्तेमाल करने वाली सभी टेक्नोलॉजी बेस्ड कम्पनीज़ की मदद करने के लिए बनाया गया है ………………. कई बुद्धिजीवियों के अनुसार “ए आई एक्ट” दुनिया का पहला व्यापक ए आई क़ानून है ………………. (“ए आई एक्ट” के बारें में अधिक जानने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- AI Act) !

इसलिए “ए. आई. पैक्ट” के सिग्नेटरीज़ (हस्ताक्षरकर्ताओं) में विश्व की सबसे बड़ी ए आई, आई टी, इलेक्ट्रॉनिक्स कम्पनीज़ शामिल हैं, जैसे- ओपन ऐ आई (चैट जी पी टी), गूगल, एमेजॉन, माइक्रोसॉफ्ट, नोकिया, सैमसंग आदि ………………. (इन सिग्नेटरीज़ कम्पनीज़ के बारे में अधिक जानकारी, के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- AI Pact) !

यूरोपियन कमीशन ने अपने इसी “ए आई एक्ट” को लागू करने में मदद करने वाले “ए आई पैक्ट” की कम्युनिटी (यानी समूह) का निर्माण किया है, जो कि एक क्लोज्ड ग्रुप है ………………. इसलिए इस “ए आई पैक्ट” कम्युनिटी से संबंधित जानकारियां को, सिर्फ इस कम्युनिटी से जुड़े हुए लोग (जैसे “स्वयं बनें गोपाल” समूह) ही देख सकतें हैं !

इस वीडियो में देखिये कि वर्ष 2026 में, “ए आई पैक्ट” कम्युनिटी की स्थापना के एक साल पूरे होने पर, इससे जुड़े स्टेकहोल्डर्स, एक्सपर्ट्स, विश्वप्रसिद्ध कम्पनीज़ के हायर मैनेजमेंट आदि मिलकर “ए आई पैक्ट” कम्युनिटी के उद्देश्यों को और ज्यादा सफल बनाने हेतु, विमर्श कर रहें हैं- Celebrating one year of the AI Pact community !

अतः सारांश में कहें तो “ए आई पैक्ट” का उद्देश्य, सभी कम्पनीज़ को “ए आई एक्ट” की दिशा में प्रारम्भिक तैयारी (Early Preparation), जिम्मेदार ए आई अनुग्रहण (Responsible AI Adoption), ज्ञान विनिमय (Knowledge Exchange) और स्वैच्छिक प्रतिबद्धता (Voluntary Commitments) के लिए संघठित करना है ! इसलिए इसके निम्नलिखित 2 प्रमुख स्तम्भ हैं-

(1) इसमें ए आई एक्ट से जुड़े विषयों पर संवाद, वेबिनार्स, इनफार्मेशन एक्सचेंज, स्टेकहोल्डर इंगेजमेंट आदि शामिल है !

(2) इसमें मुख्यतः ए आई प्रोवाइडर्स और डेप्लॉयर्स को प्रोत्साहित किया जाता है कि वे ए आई एक्ट की महत्वपूर्ण आवश्यकताओं के लिए, पहले से तैयारी करें, जैसे- ए आई गवर्नेंस स्ट्रेटेजी बनाना, संभावित हाई रिस्क ए आई सिस्टम्स को पहचानना, ए आई लिटरेसी बढ़ाना, ह्यूमन ओवर साईट – ट्रांसपेरेंसी – रिस्क मिटिगेशन जैसे मीजर्स पर काम करना आदि !

ए आई पैक्ट इतना महत्वपूर्ण इसलिए है क्योंकि यह केवल ए आई के बारे में चर्चा करने वाला समूह” नहीं है, बल्कि यह यूरोपियन यूनियन के व्यापक ट्रस्टवर्दी ए आई (Trustworthy AI) और ए आई गवर्नेंस इकोसिस्टम (AI Governance Ecosystem) का हिस्सा है ………………. (यूरोपियन यूनियन, अक्सर टेक्नोलॉजीस को जनता की सुविधानुसार बदलने के लिए सख्त कदम उठाता रहता है, जैसे यह वीडियो देखिये- Phones WILL NOW CHANGE FOREVER Cuz Removable Batteries ARE COMING BACK! Thanks EU) !

Symbolic Image (प्रतीकात्मक चित्र)

अभी 2 अगस्त 2026 से यूरोपियन कमीशन के ए आई ऑफिस और नेशनल ऑथॉरिटीज़ ने, ए आई एक्ट के एनफोर्समेंट (लागू करवाने) में अपनी भूमिका सम्यक गति से शुरू कर दी है, जिसकी वजह से “ए आई पैक्ट” कम्युनिटी से जुड़ना, ना केवल दुनिया के हाई टेक भविष्य की तैयारी में, बल्कि वर्तमान ए आई गवर्नेंस एनवायरनमेंट में, रिस्पॉंसिबल योगदान देने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है !

इस अवसर पर यह भी बताना चाहेंगे कि “स्वयं बनें गोपाल” समूह के चीफ मेंटर (मुख्य मार्गदर्शक) डॉक्टर सौरभ उपाध्याय जी, 21 सितम्बर 2026 को, ए आई से संबंधित, संयुक्त राष्ट्र की जनरल असेम्बली के ऑनलाइन कार्यक्रम “Digital UNGA side event on Human-Centric Cities in the Age of AI: Connectivity, Inclusion and Opportunity for All” (ए आई के युग में मानव-केंद्रित शहर: सभी के लिए संपर्क, समावेशन और अवसर) में भी सम्मिलित थे !

इस कार्यक्रम का मूल विचार था कि ए आई से विकसित होने वाले भविष्य के शहर, केवल तकनीकी रूप से उन्नत न हों, बल्कि मानव केंद्रित, समावेशी, टिकाऊ और सभी नागरिकों के लिए समान अवसर प्रदान करने वाले हों ! इस कार्यक्रम के 3 निम्नलिखित स्तंभ थे-

संपर्क और डिजिटल जुड़ाव- ए आई आधारित डेटा साझाकरण प्रणालियों, का उपयोग करके यातायात, ऊर्जा और जल प्रबंधन जैसी शहरी आधारभूत व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सके ! इसका उद्देश्य ऐसी प्रणालियाँ विकसित करना है जो संकट आने के बाद केवल प्रतिक्रिया देने के बजाय, पहले से ही संभावित संकटों का अनुमान लगाकर, कार्रवाई करने में सहायता कर सके !

समावेशन- शहरी आबादी के बीच मौजूद सामाजिक, आर्थिक और डिजिटल असमानताओं को दूर करने पर ध्यान देना ! इसका प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कमजोर और वंचित वर्गों को भी डिजिटल सेवाओं तक समान पहुंच मिल सके तथा शहरों की योजनाएं और विकासीय निर्णय लेते समय, उन्हें भी अपनी राय देने और भाग लेने का अवसर मिल सके !

सभी के लिए अवसर- ऐसे इन्नोवेटिव वातावरण को बढ़ावा देना, जो स्थानीय, लघु एवं मध्यम उद्यमों को आगे बढ़ने में सहायता करे ! ए आई का उपयोग करके, जीवनभर सीखने के अवसर बढ़ाया जा सके ! स्थानीय स्तर, पर गुणवत्तापूर्ण रोजगार सृजित किए जा सके और प्रत्येक निवासी के लिए सरकारी मूलभूत सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सके !

Symbolic Image (प्रतीकात्मक चित्र)

इसके अतिरक्त बताना चाहेंगे कि यूनेस्को द्वारा 16 सितम्बर 2026 को आयोजित सेशन “फ्यूचर डायलाग ऑन क्वांटम साइंस एंडद फ्यूचर ऑफ़ क्वांटम टेक्नोलॉजी” (Futures Dialogue on Quantum Science and the Future of Quantum Technologies) में भी आमंत्रित थे डॉक्टर सौरभ उपाध्याय जी !

क्वांटम साइंस व टेक्नोलॉजी के अंतरराष्ट्रीय वर्ष (2025) के एक वर्ष बाद, आयोजित हुआ यह सत्र, क्वांटम वैज्ञानिकों, प्रोफेसर्स और पॉलिसी मेकर्स आदि को एक मंच पर लाया ! इसका उद्देश्य क्वांटम टेक्नोलॉजीस की व्यापक परिवर्तनकारी संभावनाओं तथा शासन, शिक्षा आदि पर उनके प्रभावों को समझना और उन पर विचार-विमर्श करना था !

ए आई की इन विश्वस्तरीय विकासीय भूमिकाओं में, “स्वयं बनें गोपाल” समूह के निरंतर अग्रसर होने में, सबसे बड़ा योगदान है, डॉक्टर सौरभ उपाध्याय जी (Dr. Saurabh Upadhyay) का ………………. जैसा की हमने पूर्व के आर्टिकल्स में भी बताया है कि डॉक्टर सौरभ उपाध्याय जी, भारतवर्ष के विभिन्न यूनिवर्सिटीज में कंप्यूटर इंजीनियरिंग के लगभग 15 वर्षों तक प्रोफेसर रहें हैं और इनके कई विश्व विख्यात रिसर्च पेपर्स भी पब्लिश्ड हैं, साथ ही डॉक्टर सौरभ जी “ऐन्शिएंट ओशन टेक” आई. टी. संस्थान के मुख्य संस्थापक भी हैं जिसके बारे में अधिक जानने के लिए कृपया इसकी वेबसाइट देखें- https://ancientoceantech.com/ !

वैसे डॉक्टर सौरभ जी के शोध का हमेशा से मुख्य विषय रहा है “स्पेस साइंस”, जिसकी तह तक जाने के लिए इन्होने क्वाण्टम फिजिक्स, बिग डाटा जैसे कई आधुनिक विषयों के साथ – साथ, विश्व इतिहास (जैसे- मिस्र, रोमन, ग्रीक, असीरियन, सुमेरियन, अटलांटिस, अक्केडियन, हित्ती, मिटन्नी आदि जैसी कई प्राचीन सभ्यताओं में उपलब्ध जानकारियां) और प्लैनेट्स (ग्रहों) का प्रभाव समझने के लिए ज्योतिष जैसे मोस्ट एंशिएंट सब्जेक्ट्स का भी विधिवत अध्ययन किया है !

डॉक्टर सौरभ जी सबसे ज्यादा प्रभावित हैं ज्योतिष विज्ञान से क्योकि जहाँ ज्योतिष के माध्यम से गूढ़ ब्रह्मांडीय गतिविधियों को बहुत बारीकी से समझा जा सकता है, वही किसी मानव के व्यक्तिगत जीवन की किसी बेहद परेशान करने वाली समस्या के असली कारण को भी समझा जा सकता है (डॉक्टर सौरभ जी से प्राप्त विभिन्न बेशकीमती जानकारियों के आधार पर लिखे गए कई आर्टिकल्स, हमारी इस वेबसाइट की कई कैटेगरीज़ में प्रकाशित हैं) !

Symbolic Image (प्रतीकात्मक चित्र)

डॉक्टर सौरभ जी की टीम से कम्प्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे इंजीनियरिंग क्षेत्रों के इतने उम्दा किस्म के जानकार जुड़े हुए हैं, जिनसे अक्सर बड़ी संस्थाओं में काम करने वाले इंटेलेक्चुअल्स भी सलाह लेने के लिए सम्पर्क करते रहतें हैं ………………. जैसे की पूर्व आर्टिकल में हमने बताया है कि, “स्वयं बनें गोपाल” समूह के प्रधान स्वयं सेवक (अध्यक्ष) परिमल पराशर जी (जो खुद एक हाई क्लास इलेक्ट्रॉनिक्स कम्युनिकेशन इंजीनियर भी हैं) को स्विट्ज़रलैंड में आयोजित “वर्ल्ड समिट ऑन द इन्फॉर्मेशन सोसाइटी 2026” (WSIS – World Summit on the Information Society Forum) की सफलता के लिए, मदद करने के लिए आमंत्रित किया गया था, 21 जनवरी 2026 को हुई इसकी स्टेकहोल्डर्स की मीटिंग में !

संक्षेप में, “वर्ल्ड समिट ऑन द इन्फॉर्मेशन सोसाइटी” एक ऐसा वैश्विक प्रयास है जो यह सुनिश्चित करता है कि डिजिटल टेक्नोलॉजी का उपयोग, सिर्फ सभी के लाभ के लिए हो जिससे एक न्यायसंगत व समृद्ध डिजिटल दुनिया का निर्माण सम्भव हो सके ! इसका आयोजन मुख्यतः संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था “इंटरनेशनल टेलीकम्यूनिकेशन यूनियन” (अन्तर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ) करती हैं !

डिजिटल टेक्नोलॉजी के ही वैश्विक नियंत्रण को बेहतर बनाने के लिए, यूनेस्को द्वारा 12 – 13 फरवरी 2026 को साउथ अफ़्रीका की राजधानी प्रीटोरिया में आयोजित “इंटरनेशनल कांफ्रेंस ऑन डिजिटल प्लेटफार्म गवर्नेंस 2026” (The International Conference on Digital Platform Governance) में भी आमंत्रित थे परिमल जी !

तथा संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 193 देशों के साथ विमर्श से तैयार, “ए. आई. व डिजिटल टेक्नोलॉजी” के वैश्विक नियंत्रक समझौते “ग्लोबल डिजिटल कॉम्पैक्ट” के लिए 15 दिसंबर 2025 को एक उच्च स्तरीय कार्यक्रम का भी आयोजन हुआ था जिसका नाम था “Digital@UNGA” ! इस कार्यक्रम का नाम “Digital@UNGA” इसलिए था क्योकि “ग्लोबल डिजिटल कॉम्पैक्ट” का यह कार्यक्रम संयुक्त राष्ट्र संघ की जनरल असेंबली (United Nations General Assembly) के साथ हुआ था ! इस “Digital@UNGA” कार्यक्रम में ऑनलाइन पार्टिसिपेट किया था परिमल जी ने !

हालांकि वर्तमान वैश्विक प्रदूषण के भयावह हालात देखते हुए, परिमल जी सबसे ज्यादा समर्पित हैं पर्यावरण सरंक्षण के लिए, क्योकि हर एक सजग नागरिक की तरह उनका भी मानना है कि अगर हमारा घर यानी पृथ्वी माँ ही नहीं बचेंगी तो फिर किसी भी आधुनिक टेक्नोलॉजी के विकास का क्या फायदा है ………………. पृथ्वी के पर्यावरण के प्रति, परिमल जी के कई विश्वस्तरीय प्रयासों के बारें में जानने के लिए, कृपया इन 3 लिंक्स पर क्लिक करके, ओपन होने आर्टिकल्स को पढ़ें- जानिये ➤ “संयुक्त राष्ट्र संघ” में “स्वयं बनें गोपाल” समूह की बढ़ती भागीदारी ………………. और ………………. जानिये ➤ बेहद उपजाऊ खेती – सुंदर स्वास्थ्य, कैसे प्रदान कर सकतीं हैं भारतीय देशी नस्ल की गाय माँ ………………. और ………………. “माई गौमाता” (My Gau Mata) !

“स्वयं बनें गोपाल” समूह के द्वारा मॉडर्न साइंस (जैसे- टेक्निकल प्रोजेक्ट्स) के साथ – साथ सामाजिक (जैसे- अर्थव्यवस्था उन्नयन, रोजगार सृजन, गरीबो को भोजन वितरण, प्राकृतिक खेती शिक्षण, पौधा रोपण, गौ सेवा, राष्ट्र भाषा हिंदी का पुनरुत्थान आदि) और आध्यात्मिक (योग प्राणायाम ध्यान व महान संत विचारकों द्वारा प्रदत्त बेशकीमती ज्ञान का प्रसार) जैसी सभी गतिविधियां, पिछले 20 वर्षों से सफलतापूर्वक सम्पन्न हो पा रही हैं ………………. तो इसका अन्ततः सबसे बड़ा श्रेय जाता है, हमारे सरंक्षक डॉक्टर किसलय उपाध्याय जी को, जो प्रचंड परिश्रमी के साथ – साथ, आश्चर्यजनक रूप से विद्वान् भी हैं !

जैसे की पूर्व आर्टिकल में हमने बताया है कि, डॉ किसलय उपाध्याय जी “स्वदेश व्यापार मंडल” (https://swadeshvyaparmandal.com/) के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष (Founder & President) भी हैं ! चूंकि डॉक्टर किसलय एक मूर्धन्य अर्थशास्त्री हैं इसलिए डॉ. किसलय जी ने अपने 10 साल की एकोनॉमिक्स प्रोफेसरशिप को छोड़कर “स्वदेश व्यापार मंडल” की भी स्थापना की ताकि वे सही अर्थ नीतियों को सिर्फ क्लास में पढ़ाने की जगह, वाकई में जमीनी स्तर पर भी लागू कर सकें !

डॉक्टर किसलय जी के अद्भुत ज्ञान का स्तर, और समाज के दबे – कुचले – निर्धनों के प्रति उनकी निश्छल समर्पण की भावना के बारें में जानने के लिए कृपया इन आर्टिकल्स को पढ़ें- दुनिया के नंबर वन इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टिट्यूट “एम. आई. टी.” (MIT USA) ने अपने उपक्रम के लिए “स्वास्थ्य व अर्थव्यवस्था का रिव्यूअर (परीक्षक)” नियुक्त किया हमारे 2 स्वयं सेवकों को ………………. और ………………. जानिये यूनेस्को नेशनल कमीशन, वर्ल्ड फ़ूड फोरम, वर्ल्ड बिजनेस कौंसिल फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट, “स्वयं बनें गोपाल” समूह आदि के एक्सपर्ट्स द्वारा निर्मित संयुक्त राष्ट्र संघ की फ़ूड सिस्टम समिट की रिपोर्ट के बारे में ………………. और ………………. फ्रांस सरकार व संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा आगामी उच्चस्तरीय सभा के एक्शन पैनल में मदद की “स्वयं बनें गोपाल” समूह ने ………………. और ………………. संयुक्त राष्ट्र संघ के महिला सशक्तिकरण अभियान का मेंबर बना हमारा सहायक संस्थान !

यूरोपियन कमीशन जिन यूरोपीय देशों के संघठन यूरोपियन यूनियन की मुख्य कार्यकारी संस्था है, उसमें निम्नलिखित 27 देशों की सरकारें शामिल हैं-

• Government of France
• Government of Germany
• Government of Finland
• Government of Netherlands
• Government of Poland
• Government of Austria
• Government of Belgium
• Government of Ireland
• Government of Italy
• Government of Denmark
• Government of Bulgaria
• Government of Croatia
• Government of Cyprus
• Government of Czechia (Czech Republic)
• Government of Estonia
• Government of Greece
• Government of Hungary
• Government of Latvia
• Government of Lithuania
• Government of Luxembourg
• Government of Malta
• Government of Portugal
• Government of Romania
• Government of Slovakia
• Government of Slovenia
• Government of Spain
• Government of Sweden

जय हो परम आदरणीय गौ माता की !
वन्दे मातरम् !

“संयुक्त राष्ट्र संघ” में “स्वयं बनें गोपाल” समूह की बढ़ती भागीदारी जानने के लिए कृपया इसी लिंक पर क्लिक करें

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