वैसे तो उड़ीसा के पुरी मंदिर को कलियुग का साक्षात मोक्षदायिनी तीर्थ कहा गया है और जहा साक्षात जगन्नाथ भगवान कृष्ण विराजते हो उस स्थल पर अनगिनत दृश्य – अदृश्य
मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार ने भी उस रामपथ को खोजने की शुरूआत की है जो अयोध्या से चित्रकूट होता हुआ दण्डकारण क्षेत्र से पंचवटी होते हुआ रामेश्वरम जाता है !
(श्री विवेकानंद का भाषण सन 1893 में, अमेरिका के शिकागो में)- अमेरिका के बहनो और भाइयों, आपके इस स्नेहपूर्ण और जोरदार स्वागत से मेरा हृदय अपार हर्ष से भर गया
ध्यान की विभिन्न स्थितियों का अनुसंधान कर रहे वैज्ञानिकों ने पाया हैं कि ध्यान (dhyan) की अतल गहराई में प्रविष्ट होने पर साधक के शारीरिक एवं मानसिक क्रिया-कलापों में एकरसता-
सारे भारत में कहीं भी चले जाइए और सारे तीर्थ स्थानों के देवस्थान देख आइए ! आपको किसी मंदिर में केवल श्री विष्णु भगवान मिलेंगे, किसी मंदिर में श्री लक्ष्मी