श्री बामन जी तरुड़कार ,बेतूल लिखते हैं कि मेरे पिताजी गायत्री के अनन्य भक्त हैं। उनका अधिकांश समय गायत्री उपासना में जाता है। 24 लक्ष का अनुष्ठान कर चुके हैं
भीत-सी आँखोंवाली उस दुर्बल, छोटी और अपने-आप ही सिमटी-सी बालिका पर दृष्टि डाल कर मैंने सामने बैठे सज्जन को, उनका भरा हुआ प्रवेशपत्र लौटाते हुए कहा – ‘आपने आयु ठीक
चिकित्सा की अन्य पद्धतियों की तरह एक्युप्रेशर भी इलाज का एक बेहतरीन तरीका होता हैं। अब ये तरीके अपने यहां भी इस्तेमाल में लाए जा रहे हैं। एक्युप्रेशर में एक्यु
पं. शंभूप्रसाद मिश्र, हृदयनगर, कहते हैं कि मुझे अनुभव है कि मेरे इष्ट वेदमाता ने मेरे बड़े-बड़े हानि-लाभ के कार्यों में स्वप्नों में ही दिग्दर्शन कराके आने वाली विपत्ति से
पं. लक्ष्मी नाथ झा व्याकरण साहित्याचार्य, झॉंसी लिखते हैं कि यह सेवक मिथिल के चौमथ ग्राम, यज्ञोपवीत संस्कार के अनन्तर से ही कुछ गायत्री मंत्र जप किया करता था। किन्तु
प्राणायाम की तरह योगासन (yogasana, asana) भी बहुत चमत्कारी विधा है जिससे ना सिर्फ सभी रोगों का नाश संभव है, बल्कि विभिन्न रहस्यमय चक्रों और कोशो के जागरण से कुण्डलिनी
एक्यूप्रेशर अवधारणा के अंतर्गत कुल 365 पॉइंट्स माने जातें है जिनमे से कुछ पॉइंट्स, काफी असरदार और कई रोगो में फायदेमंद होते हैं ! आइए जानते है इन पॉइंट्स के