प्रचण्ड तेजस्वी सन्त – भाग 5

चैतन्य महाप्रभु – भक्तिकाल के प्रमुख कवियों में से एक हैं। इन्होंने वैष्णवों के गौड़ीय संप्रदाय की आधारशिला रखी। भजन गायकी की एक नयी शैली को जन्म दिया तथा राजनीतिक अस्थिरता के दिनों में एकता की सद्भावना को बल दिया, …

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गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 8 (माँ गायत्री का जादू)

श्रीमती चन्द्रकान्ता जेरथ बी.ए. दिल्ली लिखतीं हैं कि मुझे बचपन से ही गायत्री मन्त्र सिखाया गया था सो स्नान के बाद इसका 108 बार उच्चारण करने का स्वभाव हो गया था। पिता जी से सत्यवादी होना तो सीखा हुआ था …

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प्रचण्ड तेजस्वी सन्त – भाग 6

श्री गोपीनाथ कविराज – ये संस्कृत के विद्वान और महान दार्शनिक थे। योग और तंत्र के प्रकांड विद्वान डॉ. गोपीनाथ कविराज का जन्म 7 सितम्बर 1887 ई. में ढाका (अब बंगलादेश में) ज़िले के एक गाँव में हुआ था। बचपन …

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गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 7 (डॉक्टरी बिलों से छुटकारा)

पं. राधेश्याम शर्मा पोस्ट मास्टर दीक्षितपुरा लिखते हैं कि जब से मैंने गायत्री माता की शरण ली, तब से मेरा जीवन उत्तरोत्तर उन्नतशील दृष्टिगोचर होता है। पहले की अपेक्षा मुझे अपने स्वभाव में पर्याप्त परिवर्तन दृष्टिगोचर होता है। क्रोध व …

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विश्व के जागृत हिन्दू मंदिर और तीर्थ स्थल -5

बाला जी (राजस्थान) – यहाँ भूत-प्रेतादि उपरी बाधाओं के निवारणार्थ यहां आने वालों का तांता लगा रहता है। तंत्र-मंत्रादि, उपरी शक्तियों से ग्रसित व्यक्ति भी यहां पर बिना किसी दवा-दारू और तंत्र मंत्रादि से स्वस्थ होकर लौटते हैं। राजस्थान के …

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जर्सी व दूसरी विदेशी गायों के दूध के नुकसान

(भाई राजीव दीक्षित सही मायने में आधुनिक युग के निर्भीक कान्तिकारी थे जिन्होंने कानपुर आई आई टी से M. TECH और अन्य कई बड़े साइंस प्रोजेक्ट से जुड़ने के बावजूद अपना सुनहरा वर्तमान और भविष्य छोड़ कर पूरी तरह से …

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गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 6 (गायत्री द्वारा प्राण रक्षा)

प्रभूदयाल शर्मा, संपादक सनादय-जीवन लिखते हैं कि मेरे बड़े पुत्र की स्त्री को कई वर्ष तक एक प्रेतात्मा लग गई थी। उससे उसे बड़ा कष्ट होता था। बार-बार बेहोश हो जाती थी। उसे कभी प्रतीत होता था कि कोई उसका …

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विश्व के जागृत हिन्दू मंदिर और तीर्थ स्थल -4

पद्मनाभ मंदिर – पद्मनाभ मंदिर, केरल में वो रहस्यमयी मंदिर है जहाँ पर प्राचीन काल से अनगिनत धनराशि सहेज कर रखी गयी है।  इस मंदिर की देखभाल त्रावणकोर का राज परिवार करता है जो आज भी इस पद्मनाभ स्वामी के …

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गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 5 (मृतक को जीवन दिया)

पं० बालचरण मिश्र, नसरुल्लाह गंज, लिखते हैं कि मेरे पिता जो इटावा जिले के निवासी थे श्री गायत्री के पक्के उपासक थे। प्रात: काल 4 बजे उठकर शौच क्रिया स्नान आदि के बाद सन्ध्या करने के समय गायत्री देवी की …

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विश्व के जागृत हिन्दू मंदिर और तीर्थ स्थल -3

काशी विश्वनाथ मंदिर – श्री काशी धाम के कण-कण में अतुलनीय चमत्कार भरे पड़ें हैं बस जरूरत है उन्हें महसूस कर पाने की पात्रता की ! प्रलयकाल में भी इसका लोप नहीं होता। उस समय भगवान शंकर इसे अपने त्रिशूल …

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गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 4 (पागलपन ठीक हुआ)

श्री शोभाराम गाप, शंकरपुर, लिखते हैं कि हमारा भतीजा राम किशोर बड़े उत्साही स्वभाव का था। सब कामों में आगे रहता था। साथियों को पहलवानी करने का शौक हुआ तो वह भी अखाडें जाने लगा। दूकान का काम करते हुए …

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विश्व के जागृत हिन्दू मंदिर और तीर्थ स्थल -2

शिंगणापुर का शनि मंदिर – देश में सूर्यपुत्र शनिदेव के कई मंदिर हैं। उन्हीं में से एक प्रमुख है महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित शिंगणापुर का शनि मंदिर। विश्वप्रसिद्ध इस शनि मंदिर की विशेषता यह है कि यहां स्थित …

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विश्व के जागृत हिन्दू मंदिर और तीर्थ स्थल -1

चौकिया माता मंदिर – उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में चौकिया मंदिर शीतला माता का अति प्रसिद्ध और अति प्राचीन मंदिर है जिसे आदि शक्ति विन्ध्याचल माँ की चौकी भी कहते है। नियम है की पूर्वांचल के लोगो को विंध्याचल …

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गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये -2 (रक्त विकार की शुद्घि)

श्री प्रहद चन्द गोयल, भाखरी, लिखते हैं कि मेरे लड़के चि. लालचन्द का शरीर 16 वर्ष की आयु तक बिल्कुल स्वस्थ रहा उसमें कोई रोग या खराबी न थी, पर इसके बाद उसे चर्म रोग उठ खड़े हुए। प्रारम्भ में …

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आधुनिक भारत के आदरणीय सन्त गण

  श्री स्वामी राजेन्द्र दास जी महाराज – बाबा राजेन्द्र दास जी महाराज की गणना भारत के उच्तम विद्वानो में से की जाती है। ये वृन्दावन में स्थित गोपेश्वर महादेव मन्दिर के निकट मलूक पीठ के अध्यक्ष है और कई सामाजिक सहायतार्थ कार्यो …

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गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये -1 (कठिन पेट के रोगो से मुक्ति)

श्री हरमानभाई पटेल, सदनपुरा, लिखते हैं कि गायत्री माता द्वारा उपार्जित शक्ति का मैंने प्रथम बार उपयोग किया और वह बहुत ही सफल रहा। मेरे बड़े भाई डाहभाई के पेट में कुछ दिन पूर्व बड़ा भंयकर दर्द उठा। नलों के …

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