अकाल मृत्यु क्या होती है ?

इसका जवाब है कि, अकाल मृत्यु जैसी कोई चीज नहीं होती है ! क्योंकि जब तक काल नहीं आता तब तक कोई मरता ही नहीं अर्थात कोई भी जीव कभी

जो गलती सत्यभामा जी ने की, वही आज भी बहुत से लोग कर रहें हैं

यह सत्य घटना महाभारत काल की है जब कुरुक्षेत्र में एक भव्य उत्सव का आयोजन चल रहा था ! भगवान श्री कृष्ण भी द्वारिकावासियों के साथ मेले में आए हुए

ईश्वर को पिता समझने के भ्रम से उबरें क्योंकि ईश्वर पिता नहीं, सखा (मित्र) है : श्री वेदव्यास (ब्रह्म सूत्र)

वास्तव में ब्रह्मर्षि वेदव्यास भगवान श्री कृष्ण के चरित्र के हर आयाम से बहुत इम्प्रेस (प्रभावित) थे इसलिए उन्होंने श्री कृष्ण पर बहुत रिसर्च किया था और उस रिसर्च से

गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 40 (समस्त उलझनों की एक हल-माँ गायत्री)

अन्धे होने पर भी सर्व शास्त्र पारंगत- आर्य समाज के स्थापक नैष्ठिक ब्रह्मचारी स्वामी दयानन्द जी के गुरु प्रज्ञाचक्षु स्वामी श्री विरजानन्द जी सरस्वती ने अनेक कष्ट सहते हुए तीन

झगड़ालू, बदतमीज स्वभाव बदलने और नशे की लत छुड़ाने का सबसे आसान तरीका

किसी एक आदमी के गंदे स्वभाव की वजह से या पूरे परिवार के सभी लोगों के झगड़ालू स्वभाव की वजह से घर तबाही के कागार पर पहुच रहा हो तो

मौत के तुरन्त पहले इन तरीकों से मिलता है नरक व निम्न योनि से छुटकारा

कोई मरने वाला हो तो भी आखिरी सेकेंड तक उसे बचाने का भरसक प्रयास जरूर करना चाहिए लेकिन जन्म और मरण कभी भी इन्सान के हाथ में नहीं होता है

खून के आंसू रुलाने वाली गरीबी को भस्म करने के प्रचण्ड उपाय

बहुत से लोग ये भूल जाते हैं की माता लक्ष्मी का एक नाम चंचला भी है, जिसका मतलब ये होता है कि माता लक्ष्मी आपके किसी काम से खुश होकर

जब प्राण घातक संकट चारो तरफ से घेर ले

वैसे तो “होए वही जो राम रची राखा”, पर आदमी को बेहद कठिन परिस्थिति पड़ने पर भी उससे बाहर निकलने का प्रयास करना नहीं छोड़ना चाहिए ! संसार की हर

वाराणसी में आदि शक्ति विराजमान हैं श्री दुर्गा कुंड मंदिर में

बनारस में अस्सी रोड से कुछ ही दूरी पर आनन्द बाग के पास दुर्गा कुण्ड नाम का अति प्रसिद्ध मन्दिर है। यह आदि शक्ति माँ दुर्गा जी का मंदिर है।

पढाई के क्षेत्र में अपार सफलता पानी हो तो रोज आधा घंटा जरूर करिए सरस्वती पूजन

दुनिया में सभी जन्म से तेज दिमाग के पैदा हों ऐसा सम्भव नहीं हैं, पर हमारे शास्त्र कहते हैं कि, ये शाश्वत सत्य है कि जो – जो भी जगदम्बा

जिन्दा शरीर के साथ स्वर्ग क्यों नहीं जाया जा सकता

कुछ लोग कथा सुनाते हैं की महाभारत के महा युद्ध के कुछ समय बाद पाँचों पाण्डव राज पाट छोड़ कर जंगल के लिए प्रस्थान करते हैं और जहाँ रास्ते में

जितनी बात की जाय इनकी प्यारी लीला की उतनी कम है

लड्डू गोपाल का एक नाम नारद पुराण में “विलुन्ठन:” दिया है जिसका मतलब है अचानक से सामान उठा कर भाग जाने वाले, तो इसी से समझ लीजिये की अगर ये

जानिये जीव की मृत्यु के बाद की हाहाकारी यात्रा के बारे में

मृत्यु एक ऐसी चीज है जिसको आदमी दूसरों के साथ होते हुए देखने पर भी लगातार यही सोचता है की उसकी मौत में तो अभी काफी समय बचा है ! जबकि