गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 22 (भयंकर मुकदमे से मुक्ति )

ठा. जंगजीतसिंह राठोर, रानीपुरा, लिखते हैं कि हमारे ताऊजी एक अजनबी आदमी से कुछ जेवर सस्तेपन के लोभ में आकर खरीद लिया था। यह षडय़ंत्र हमारे एक शत्रु का था

गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 21 (घातक अनिष्ट से प्रतिरक्षा)

श्री आनन्द स्वरुप श्रीवास्तव, गोहाड़, लिखते हैं कि ता. 26 मई 51 को हमारे चाचा भाई अपने यहाँ शादी के अवसर पर लिवाने आये थे। अम्माजी तथा चाची जी को

कई रोगों का नाश मुफ्त में करती हैं डाला छठ पर भगवान सूर्य से निकलने वाली दिव्य किरणें

बिहार में जिसे डाला छठ कहते हैं, असल में एक बहुत साइंटिफिक त्यौहार है और इसका महत्व समझना आज के वैज्ञानिकों के लिए मुश्किल काम हैं क्योंकि वे भगवान सूर्य

कैसे भी करके आज रात अपनी माँ जगदम्बा लक्ष्मी की नाराजगी जरूर दूर करिए

आज की महा रात्रि अगर आपने केवल एन्जॉय करने में बर्बाद कर दी तो ये आपका दुर्भाग्य ही है ! अरे कुछ ना समझ में आये तो केवल यही काम

एक क्षण में सब कुछ कर सकने में सक्षम ममता की महासागर देवी से सब कुछ पाने का दुर्लभ समय है “नवरात्रि”

शारदीय नवरात्रि वो महान दिन है जिसमें अम्बे देवी की थोड़ी सी भी शुद्धता पूर्वक भक्ति करने वाला बिना निहाल हुए नहीं रह सकता ! ये नौ दिन वही है

श्री राधा रहस्य, कौन जानता है ?

ब्रज धाम में किसी राजा का नहीं बल्कि रानी का राज चलता है ! और ये रानी कोई और नहीं, हमारी प्यारी लाडली सरकार श्री राधा रानी जी हैं !

गणपति बाप्पा मोरया

आदिशक्ति माँ पार्वती को अपनी बाल लीलाओं से हँसाने वाले, श्री महादेव के परम लाडले, भगवान कार्तिकेय के परम आज्ञाकारी छोटे भाई, लड्डू को बहुत पसंद करने वाले, चूहे पर

जब पूरा ब्रह्माण्ड ख़ुशी से नाच उठा

यही वो महान रात्रि है जब सबको बाँधने वाला खुद बंध गया, यही वो महान रात्रि है जब अंतहीन अबूझ पहेली ईश्वर एक बहुत सुन्दर रूप में हमें प्राप्त हुआ,

हर दिन कितने खतरों और बीमारियो से बचा सकता है सही तरीके से पहना हुआ जनेऊ

जनेऊ एक ऐसा दिव्य धागा है जो विधि विधान से पहना जाय तो आपको कितनी किस्म की अनजान बाधाओं और रोगों से रोज रोज बचा लेता है | मल-मूत्र विसर्जन

अनायास कृपा बरसने का समय आ गया

जगदम्बा वैसे ही माँ होने के नाते जल्दी पिघल जाती है और ऊपर से नवरात्रि !! नवरात्रि में तो अनायास ही उनकी कृपा बरसती है बस जरुरत है लूटने वाली

भोलेपन की पराकाष्ठा में भोले भण्डारी का खजाना लुटने की रात : महाशिवरात्रि

महामाया की परम ब्रह्म से लौकिक विवाह की रात है महाशिवरात्रि ! इस परम पावनी रात में ऐसे दुर्लभ संयोग बनते है, कि अति पीड़ादायक कष्ट भी आसानी से छोड़ भागते

गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 20 (बन्ध्या को सन्तान मिली)

श्री राधावल्लभ तिवारी, बहावलपुर लिखते हैं कि मेरा विवाह चौदह वर्ष की आयु में हुआ था। स्त्री सात महीने छोटी थी। इस विवाह को हुए 16 साल बीत गये हम

गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 19 (सुसन्तति के लिए गायत्री साधना)

श्री परमानन्द जी ढावर, पंढारी लिखते हैं कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन जिसका होगा उसमें सन्तानोत्पत्ति की स्वाभिव क्षमता होगी। शरीर या मन को रोगी होने के कारण ही

गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 18 (बिछुड़े हुए बालक का पुनर्मिलन)

श्री जीवन लाल वर्मा, सरसई का कहना है यदि छोटे बालक, भावुक हृदय माता-पिता की आँखों के तारे होते हैं। जब पशु-पक्षी तक अपने बालकों को इतना प्यार करते हैं

गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 17 (निराशा में आशा की किरण)

श्री अयोध्या प्रसाद दीक्षित, कानपुर से लिखते हैं कि मेरी धर्मपत्नी ने अपने विवाह से पूर्व हिन्दी मिडिल किया था। इस बात को एक लम्बी मुद्दत बीत गई। विवाह के

श्री कृष्ण कथायें

कैसे आये प्रभु 16 कलाओ के साथ – द्वापर युग में पृथ्वी पर राक्षसो के अत्याचार बढने लगे पृथ्वी गाय का रूप धारण कर अपनी कथा सुनाने के लिए तथा