गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 16 (गायत्री के अनुग्रह का परिचय)

श्री अम्बाशंक गोविन्द जी व्यास, जूनागढ़ ने लिखा है कि परिस्थितियोंवश में स्कूली शिक्षा बहुत ही कम प्राप्त कर सका। कक्षा चार उत्तीर्ण करने के बाद रोटी कमाने की चिन्ता

श्री शिव कथायें

शक्तिपीठ कथा – दक्ष प्रजापति की कई पुत्रियां थी। सभी पुत्रियां गुणवती थीं। फिर भी दक्ष के मन में संतोष नहीं था। वे चाहते थे उनके घर में एक ऐसी

गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 15 (गायत्री द्वारा सुसंति की प्राप्ति)

पं. श्रीकृष्ण शुक्ल, देहली का कहा है कि गायत्री का आश्रय से मनुष्य सब कुछ प्राप्त कर सकता है। कोई वस्तु नहीं जिसे गायत्री साधक प्राप्त न कर सके। अनुभवी

पाण्डव कथायें

पांडवों वनवास कथा – बात पांडवों के वनवास की है। जुए में हारने के बाद पांडवों को बारह वर्ष का वनवास और एक साल का अज्ञातवास गुजारना था। वनवास के

गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 14 (साधना के प्रारम्भिक अनुभव)

गिरीशदेव वर्मा, बहरायच, लिखते हैं कि जब मैं पांच वर्ष का था तभी पिता जी ने मुझे गायत्री शिक्षा देना आरम्भ कर दिया था। वे जब संध्या करते थे तो

गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 13 (साधना के पथ पर)

पं. राधेमोहन मिश्र, वैघ बहरायच, लिखते हैं कि मेरी प्रकृति अपनी बाल्यावस्था से ही आध्यात्मवाद की ओर रही। मुझे ऐसे मित्र तथा मार्ग-प्रदर्शक मिलते गये जिनसे और सहायता मिलती गयी।

महाभारत कथायें

कर्ण कथा – महाभारत की शुरुआत में कर्ण के जन्म की कथा आती है। कर्ण की मां कुंती राजकुमारी थीं। एक दिन उनके राजमहल में महर्षि दुर्वासा आए। दुर्वासा अपने

गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 12 (असाध्य बीमारियों से छुटकारा)

ठा. रामकरणसिंह वैद्य, जफरापुरा, लिखते हैं कि कुछ वर्ष पूर्व मेरी स्त्री को संग्रहणी रोग हुआ था, बहुत चिकित्सा की पर कुछ लाभ न हुआ। दो वर्ष इस रोग से

प्रचण्ड तेजस्वी सन्त – भाग 2

रामकृष्ण परमहंस – भारत के एक महान संत एवं विचारक थे। उन्हें बचपन से ही विश्वास था कि ईश्वर के दर्शन हो सकते हैं। अतः ईश्वर की प्राप्ति के लिए

गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 11 (शत्रुओं का षडय़ंत्र विफल)

श्री गोकुलचन्द सक्सेना, खडग़पुर, लिखते हैं कि हमारे लोको दफ्तर के हैडक्लर्क और सुपरिटेण्डेण्ट से एक बार मेरी गरमा-गरम बहस हो गई। आपस में अशिष्ठ और अवांछनीय शब्दों का भी

प्रचण्ड तेजस्वी सन्त – भाग 3

आदि शंकराचार्य- हिन्दू धार्मिक मान्यता के अनुसार इनको भगवान शंकर का अवतार माना जाता है। इन्होंने लगभग पूरे भारत की यात्रा की और इनके जीवन का अधिकांश भाग उत्तर भारत

गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 10 (गायब लड़के का लौटना)

श्री विनोद बिहारी गर्ग, विशनगढ़ का कहना है कि आजकल शहरों में बच्चों की सुरक्षा भी एक पेचीदा समस्या है। लड़के स्कूल में पढऩे जाते हैं, वहां कोई जन्मजात दुष्ट

प्रचण्ड तेजस्वी सन्त – भाग 4

महर्षि अरविन्द – इनका मूल नाम अरबिंदो घोष है । आधुनिक काल में भारत में अनेक महान क्रांतिकारी और योगी हुए हैं, अरबिंदो घोष उनमें अद्वितीय हैं। अरविंदो घोष कवि

गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 9 (आश्चर्यजनक अनुभव)

चौधरी अमरसिंह जी, इन्दौरा लिखते हैं कि अन्य साधनाओं की अपेक्षा मैं गायत्री मंत्र को इस वास्ते महव देता हूं कि जब मैं इस साधन के पूर्व अन्य प्रणालियां से

प्रचण्ड तेजस्वी सन्त – भाग 5

चैतन्य महाप्रभु – भक्तिकाल के प्रमुख कवियों में से एक हैं। इन्होंने वैष्णवों के गौड़ीय संप्रदाय की आधारशिला रखी। भजन गायकी की एक नयी शैली को जन्म दिया तथा राजनीतिक

गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 8 (माँ गायत्री का जादू)

श्रीमती चन्द्रकान्ता जेरथ बी.ए. दिल्ली लिखतीं हैं कि मुझे बचपन से ही गायत्री मन्त्र सिखाया गया था सो स्नान के बाद इसका 108 बार उच्चारण करने का स्वभाव हो गया