गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 27 (मनोवांछित पति-पत्नी)

श्री कौशल किशोर माहेश्वरी, संभलपुर लिखते हैं कि हमारे बाबा महेश्वरी थे और दादी राबुत थीं। उनका गन्धर्व विवाह हुआ था। उनकी प्रेम गाथा को लिखकर अपने पूजनीय पूर्वजों की

विश्व के जागृत हिन्दू मंदिर और तीर्थ स्थल -6

मीनाक्षी सुन्दरेश्वर मन्दिर- मीनाक्षी सुन्दरेश्वर मन्दिर या मीनाक्षी अम्मां मन्दिर या केवल मीनाक्षी मन्दिर भारत के तमिल नाडु राज्य के मदुरई नगर, में स्थित एक ऐतिहासिक मन्दिर है। यह हिन्दू

गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 26 (उच्च शिक्षा की सुविधा)

श्री. रघुराथ प्रसाद बरनवाल, बलहज, लिखते हैं कि अखण्ड ज्योति के लोगों से प्रभावित होकर मैं गायत्री उपासना के मार्ग में बढ़ा। अति अल्प काल के जप में ही अपने

तो क्या ये घर नकली था

श्रीमत् भागवत महापुराण का प्रसंग है की, भगवान दत्तात्रेय ने देखा की एक सुन्दर कपड़ो में सजी हुई एक कुवाँरी लड़की अपने घर से निकल कर कुछ लोगो के साथ

कहानी – स्वर्ग के खंडहर में (लेखक – जयशंकर प्रसाद)

वन्य कुसुमों की झालरें सुख शीतल पवन से विकम्पित होकर चारों ओर झूल रही थीं। छोटे-छोटे झरनों की कुल्याएँ कतराती हुई बह रही थीं। लता-वितानों से ढँकी हुई प्राकृतिक गुफाएँ

गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 25 (पुरश्चरण और पाठ कराने से लाभ)

श्री बलवन्त विष्णु नागदे, राजमहेन्द्री कहते हैं कि व्यापारी को फुरसत नहीं मिलती । हमकों बहुत काम रहता है। रात को दो बजे तक अक्सर काम करना पड़ता है। इसलिए

क्रन्तिकारी भाई राजीव दीक्षित द्वारा बताई गयी गाय माता आधारित सर्वोत्तम कृषि की जानकारियाँ

(भाई राजीव दीक्षित सही मायने में आधुनिक युग के निर्भीक कान्तिकारी थे जिन्होंने कानपुर आई आई टी से M. TECH और अन्य कई बड़े साइंस प्रोजेक्ट से जुड़ने के बावजूद

गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 24 (गायत्री पर अटूट विश्वास)

श्री मेघायती जी नगीना अपनी अनुभूति प्रकट करती हुई लिखती हैं कि गायत्री मन्त्र ईश्वर की उपासना के लिये मुख्य मन्त्र है। मेरा तो इस पर अति अटूट विश्वास और

लेख – ईश्वरोन्मुख प्रेम – (लेखक – रामचंद्र शुक्ल )

पहले कहा जा चुका है कि जायसी का झुकाव सूफी मत की ओर था जिसमें जीवात्मा और परमात्मा में पारमार्थिक भेद न माना जाने पर भी साधकों के व्यवहार में

गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 23 (अनेक अपत्तियों से छुटकारा)

श्री आर.वी. बेद घाटकोपर लिखते हैं कि एक साल पहले मेरे ऊपर कई कानूनी मुकदमे चल रहे थे, सब तरफ से परेशानी थी, आर्थिक नुकसान हो रहा था और बहुत

गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 22 (भयंकर मुकदमे से मुक्ति )

ठा. जंगजीतसिंह राठोर, रानीपुरा, लिखते हैं कि हमारे ताऊजी एक अजनबी आदमी से कुछ जेवर सस्तेपन के लोभ में आकर खरीद लिया था। यह षडय़ंत्र हमारे एक शत्रु का था

गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 21 (घातक अनिष्ट से प्रतिरक्षा)

श्री आनन्द स्वरुप श्रीवास्तव, गोहाड़, लिखते हैं कि ता. 26 मई 51 को हमारे चाचा भाई अपने यहाँ शादी के अवसर पर लिवाने आये थे। अम्माजी तथा चाची जी को

कहानी – बिसाती (लेखक – जयशंकर प्रसाद)

उद्यान की शैल-माला के नीचे एक हरा-भरा छोटा-सा गाँव है। वसन्त का सुन्दर समीर उसे आलिंगन करके फूलों के सौरभ से उसके झोपड़ों को भर देता है। तलहटी के हिम-शीतल

कहानी – बूढ़ी काकी- (लेखक – मुंशी प्रेमचंद)

बुढ़ापा बहुधा बचपन का पुनरागमन हुआ करता है। बूढ़ी काकी में जिह्वा-स्वाद के सिवा और कोई चेष्टा शेष न थी और न अपने कष्टों की ओर आकर्षित करने का, रोने