सर्वप्रचलित घरेलु नुस्खे (भाग – 2)

– हरी सब्जियां, साग, शलजम, बीन्स, मटर, ओट्स, सनफ्लावर सीड्स, अलसी के बीज आदि खाएं। इनमें फॉलिक एसिड होता है, जो कॉलेस्ट्रॉल लेवल घटाता है।   – सरसों तेल, बीन्स,

डायबिटिज, सूजन, हाई बी पी, ह्रदय, गुर्दा, गठिया, गैस, कफ, जलन, मासिक रोगों में फायदा है सोया

धनिया (coriander or Dhaniya) की तरह अक्सर सस्ते में बेचे जाने वाली सोया के गुण इतने हल्के नहीं हैं कि इसके गुणों का इसके दाम से तुलना किया जाय !

बेहद असरदार औषधि है शतावर

महर्षि चरक ने भी शतावर को बल्य और वयः स्थापक (चिर यौवन को बरकार रखने वाला) माना है I आधुनिक शोध भी शतावरी क़ी जड़ को हृदय रोगों में प्रभावी

क्या चावल भी अमृत के समान फायदेमन्द हो सकता है

चावल बहुत फायदेमंद चीज है बशर्ते की आप उसे अगर खेतों से सीधे खरीद लें मतलब राईस मिल में जाने से पहले ही खरीद ले क्योंकि राईस मिल में चावल

ह्रदय, रक्त, कब्ज, थकान – नपुंसकता, मेटाब्लोजिम, सफ़ेद दाग, याददाश्त, हड्डी व त्वचा रोगों में फायदा काजू

सही मात्रा में रोज काजू खाना बहुत ही फायदेमंद है ! काजू को ऊर्जा का एक अच्छा स्रोत माना जाता है। दो-तीन काजू चबा लेंने से आकस्मिक थकान में लाभ

मूंगफली किस मामले में किसी मेवा से कम है

सर्दी के मौसम में रोड के किनारे मूंगफली के स्टाल हर जगह देखने को मिल जाते हैं ! मूंगफली को सामान्यतया टाइम पास के रूप में रिफ्रेशमेंट की चीज समझी

सब कुछ खाने पीने का सुख लेना हो तो ये काम करिए

यहाँ पर कुछ भौतिक प्रक्रिया के अलावा अध्यात्मिक प्रक्रिया की भी बात हो रही है जिसे सिद्ध कर लेने पर अद्भुत कमाल होता है ! अध्यात्मिक प्रक्रिया का फायदा भौतिक

पूरी दुनिया का सबसे ज्यादा पैदा किया जाना वाला फल क्यों बना सन्तरा

संतरे का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसका रस शरीर के अंदर पहुंचते ही रोग नाश से सम्बंधित कार्य फ़ौरन शुरू कर देता है। इसमें पाए जाने वाले ग्लूकोज

हरी मटर के आयुर्वेदिक फायदे

प्रकृति में मिलने वाली हर चीज बढ़िया औषधि की तरह काम कर सकती है बस उसका इस्तेमाल करने का तरीका पता होना चाहिए ! हरी मटर के तो बहुत से

अनावश्यक बढ़ी भूख घटाकर व पाचनशक्ति मजबूत कर मोटापा घटाने का एक्यूप्रेशर पॉइंट

चित्र में दिखाया गया एक्यूप्रेशर पॉइंट सीधे पेट से सम्बंधित होता है ! इस पर रोज 2 मिनट प्रेशर देने से वजन घटाने में बहुत मदद मिलती है (acupressure points

गर्दन व कन्धे के तनाव, ऊपरी पीठ दर्द, सरवाईकल वर्टिगो (चक्कर) के लिए एक्यूप्रेशर पॉइंट्स

इसे TE -3 पॉइंट कहते हैं और यह हथेली के पीछे होता है (जैसा की चित्र में दिखाया गया है) | इस पॉइंट पर प्रेशर देने से गर्दन व कन्धे

सभी एंडोक्राइन ग्लैंड्स (अन्तः स्रावी ग्रंथियां, जैसे थाइराइड आदि) का नियमन एक्यूप्रेशर से

आपने भारतीय नारियों को देखा होगा की माथे पर जहाँ बिंदी लगाती हैं तथा भारतीय पुरुष जहाँ पर तिलक लगाते हैं वही पॉइंट्स जिसे थर्ड आई (तृतीय नेत्र पॉइंट) पॉइंट

कफ, अस्थमा के लिए एक्यूप्रेशर पॉइंट्स

कफ या अस्थमा की प्रॉब्लम हो तो मीठा, चावल, ठण्डे वातावरण (A C) और ठण्डी खाने पीने की चीजों (जैसे – कोल्ड ड्रिंक्स, फ्रिज का ठण्डा पानी, ठन्डे शेक्स या शराब

गठिया और स्याटिका (घुटने व कमर दर्द) के लिए एक्यूप्रेशर पॉइंट्स

कहने को तो गठिया कोई खतरनाक बिमारी नहीं है और लगभग हर अनियमित दिनचर्या जीने वाले को ढलती उम्र में हो ही जाता है पर इस बिमारी के उग्र रूप

सर्वप्रचलित घरेलु नुस्खे (भाग – 3)

– सर्दियों में नारियल का तेल केसर के साथ मिलाकर मसाज करें। बालों एवं त्वचा का रूखापन दूर करता है । पिंपल्स पर नारियल के तेल में जरा सा कपूर