प्राचीन युग में गाय माता के जो रूप थे उनके नाम थे श्री कामधेनु, श्री कपिला, श्री देवनी, श्री नंदनी, श्री भौमा आदि। ब्रह्मर्षि श्री वशिष्ठ जी ने ईश्वरीय प्रेरणा से
श्री वानर राज, श्री पवन पुत्र, श्री केशरी नन्दन, श्री अंजनी सुत, श्री सूर्य शिष्य, श्री कुबेर सुग्रीव व विभीषण सखा, श्री राम दास, हनुमान जी ने अत्यन्त शुभकारी दर्शन
एक्यूप्रेशर की जानकारी आदमी को वक्त बेवक्त बहुत काम देती है ! एक्यूप्रेशर के सही पॉइंट्स की जानकारी, कई बिमारियों का अपने आप में एक पूर्ण इलाज होता है !