वायु या गैस से सम्बंधित समस्या होने पर चित्र में दिए गए पॉइंट (acupressure points for gas) को दबाने पर फायदा मिलता है तथा वायु मुद्रा (तर्जनी उंगली को अंगूठे
ये काफी प्रसिद्ध पॉइंट है जो कीमियोथेरेपी, प्रेगनेंसी, बुखार, सर्जरी या पेट की किसी भी खराबी द्वारा होने वाली उल्टी, नौजिया आदि में लाभ पहुचाता है तथा बेचैनी, उत्तेजना को
प्राचीन भारत के ज्ञान विज्ञान के मूर्धन्य जानकार श्री डॉक्टर सौरभ उपाध्याय जी बताते हैं की, ब्रह्माण्ड के निर्माता श्री ब्रह्मा जी ने गायत्री मन्त्र की अनन्त शक्ति पर अनुसन्धान
प्राचीन युग में गाय माता के जो रूप थे उनके नाम थे श्री कामधेनु, श्री कपिला, श्री देवनी, श्री नंदनी, श्री भौमा आदि। ब्रह्मर्षि श्री वशिष्ठ जी ने ईश्वरीय प्रेरणा से
श्री वानर राज, श्री पवन पुत्र, श्री केशरी नन्दन, श्री अंजनी सुत, श्री सूर्य शिष्य, श्री कुबेर सुग्रीव व विभीषण सखा, श्री राम दास, हनुमान जी ने अत्यन्त शुभकारी दर्शन