सेठ रामनाथ ने रोग-शय्या पर पड़े-पड़े निराशापूर्ण दृष्टि से अपनी स्त्री सुशीला की ओर देखकर कहा, ‘मैं बड़ा अभागा हूँ, शीला। मेरे साथ तुम्हें सदैव ही दुख भोगना पड़ा। जब
आदिशक्ति माँ पार्वती को अपनी बाल लीलाओं से हँसाने वाले, श्री महादेव के परम लाडले, भगवान कार्तिकेय के परम आज्ञाकारी छोटे भाई, लड्डू को बहुत पसंद करने वाले, चूहे पर
हिज एक्सेलेंसी वाइसराय बनारस आ रहे थे। सरकारी कर्मचारी, छोटे से बड़े तक, उनके स्वागत की तैयारियाँ कर रहे थे। इधर काँग्रेस ने शहर में हड़ताल मनाने की सूचना दे