पं० बालचरण मिश्र, नसरुल्लाह गंज, लिखते हैं कि मेरे पिता जो इटावा जिले के निवासी थे श्री गायत्री के पक्के उपासक थे। प्रात: काल 4 बजे उठकर शौच क्रिया स्नान
श्री शोभाराम गाप, शंकरपुर, लिखते हैं कि हमारा भतीजा राम किशोर बड़े उत्साही स्वभाव का था। सब कामों में आगे रहता था। साथियों को पहलवानी करने का शौक हुआ तो
शिंगणापुर का शनि मंदिर – देश में सूर्यपुत्र शनिदेव के कई मंदिर हैं। उन्हीं में से एक प्रमुख है महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित शिंगणापुर का शनि मंदिर। विश्वप्रसिद्ध
चौकिया माता मंदिर – उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में चौकिया मंदिर शीतला माता का अति प्रसिद्ध और अति प्राचीन मंदिर है जिसे आदि शक्ति विन्ध्याचल माँ की चौकी भी
श्री स्वामी राजेन्द्र दास जी महाराज – बाबा राजेन्द्र दास जी महाराज की गणना भारत के उच्तम विद्वानो में से की जाती है। ये वृन्दावन में स्थित गोपेश्वर महादेव मन्दिर के निकट
श्री हरमानभाई पटेल, सदनपुरा, लिखते हैं कि गायत्री माता द्वारा उपार्जित शक्ति का मैंने प्रथम बार उपयोग किया और वह बहुत ही सफल रहा। मेरे बड़े भाई डाहभाई के पेट
आयुर्वेद इस भूमण्डल में स्वास्थ्य एवं रोग निवारण के ज्ञान का सर्वप्रथम स्रोत है। वैसे तो यह ज्ञान प्रकृति की उत्पत्ति के साथ ही उत्पन्न हुआ लेकिन इसका नामकरण भगवान
इनकी आराधना से भक्त को 8 महा सिद्धियाँ – अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्रकाम्य, ईशित्व और वशित्व और 9 निधियों की प्राप्ति होती है ! नवदुर्गाओं में माँ सिद्धिदात्री