193 देशों की प्रतिबद्धता से तैयार, पर्यावरणीय उपक्रम को लागू करने में मदद कर रहा है “स्वयं बनें गोपाल” समूह

आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, संयुक्त राष्ट्र संघ के 193 देशों द्वारा, पूरी पृथ्वी के पर्यावरण सरंक्षण के लिए ली गयी प्रतिबद्धता यानी “टेन वाई. एफ. पी.” (10YFP) को

संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा, पूरे विश्व के पारिस्थितिकी तंत्र के पुनर्निर्माण पर निगरानी रखने वाले उपक्रम का हिस्सा बना “स्वयं बनें गोपाल” समूह

आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, जैसा की सभी को पता है कि संयुक्त राष्ट्र संघ लगातार प्रयास कर रहा है पूरे विश्व के पारिस्थितिकी तंत्र का फिर से कायाकल्प

56 कॉमनवेल्थ देशों के सेक्रेटरिएट और संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा संचालित उपक्रम, में “पॉलिसी मेकर” (नीति निर्माता) का दायित्व मिला हमारे स्वयं सेवक को

आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, जैसा की सभी को पता है कि, दुनिया के कई बड़े मुद्दों को हल करने के लिए , विश्व के 56 देशों की सरकारों

संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 193 देशों के साथ विमर्श से तैयार, “ए. आई. व डिजिटल टेक्नोलॉजी” के वैश्विक नियंत्रक समझौते के समर्थक समूह में शामिल हुआ “स्वयं बनें गोपाल”

आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, पिछली सदी (यानी सन 1900) को परमाणु सदी माना जाता है क्योकि पिछली सदी की सबसे महत्वपूर्ण खोज, परमाणु सम्बंधित अविष्कारों को माना जाता

G7, G20, यूरोपियन यूनियन, अमेरिका – फ्रांस – जापान समेत कई देशों की सरकारों के साथ – साथ “स्वयं बनें गोपाल” समूह भी मेम्बर बना इस ग्लोबल पार्टनरशिप का

आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, वास्तव में समुद्रों का सरंक्षण दुनिया की सबसे ज्वलंत समस्याओं में से एक है और पृथ्वी पर स्थित जीवों का जीवनचक्र सुगमता पूर्वक चलते

फ्रांस सरकार व संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा आगामी उच्चस्तरीय सभा के एक्शन पैनल में मदद की “स्वयं बनें गोपाल” समूह ने

आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, आश्चर्य की बात है कि आज भी बहुत से लोग एकदम अनजान है इस भयंकर खतरे के बारे में कि हमारी दुनिया के कई

दुनिया के नंबर वन इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टिट्यूट “एम. आई. टी.” (MIT USA) ने अपने उपक्रम के लिए “स्वास्थ्य व अर्थव्यवस्था का रिव्यूअर (परीक्षक)” नियुक्त किया हमारे 2 स्वयं सेवकों को

आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, अमेरिका देश में स्थित “एम. आई. टी.” यानी मैसाचूसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (Massachusetts Institute of Technology; https://web.mit.edu/) को पूरे विश्व का नंबर वन इंजीनियरिंग

यूनेस्को के सामुद्रिक उपक्रम ने भी “स्वयं बनें गोपाल” समूह को स्वीकृत किया

आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, यूनेस्को के सामुद्रिक उपक्रम “ओशन एक्सपर्ट” (Ocean Expert; https://oceanexpert.org/) ने भी “स्वयं बनें गोपाल” समूह को स्वीकृत किया है, जिसे देखने के लिए कृपया

जानिये यूनेस्को नेशनल कमीशन, वर्ल्ड फ़ूड फोरम, वर्ल्ड बिजनेस कौंसिल फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट, “स्वयं बनें गोपाल” समूह आदि के एक्सपर्ट्स द्वारा निर्मित संयुक्त राष्ट्र संघ की फ़ूड सिस्टम समिट की रिपोर्ट के बारे में

आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था “यू. एन. फ़ूड सिस्टम कोआर्डिनेशन हब” (UN Food Systems Coordination Hub; https://www.unfoodsystemshub.org/en) ने खाद्य व्यवस्था में कायाकल्प (सम्पूर्ण सुधार)

जनरल असेंबली ने ट्यूबरकुलोसिस, डिजास्टर रिस्क रिडक्शन, प्रेस फ्रीडम व विकासीय मुद्दों पर आधारित मीटिंग्स में आमंत्रित किया हमारे स्वयं सेवक को

(For reading this article in English language, please click on this link- General Assembly invited our volunteer in the meetings organized for Tuberculosis, Disaster Risk Reduction, Press Freedom and Developmental

जानिये हार्वर्ड, ऑक्सफ़ोर्ड, “स्वयं बनें गोपाल” समूह आदि के सहयोग द्वारा निर्मित संयुक्त राष्ट्र संघ की “नेट जीरो एमिशन्स कमिटमेंट्स” रिपोर्ट के बारे में

आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, जैसा की आप सभी को पता होगा कि संयुक्त राष्ट्र संघ लगातार यह प्रयास कर रहा है कि वैश्विक प्रदूषण कम हो सके ताकि

संयुक्त राष्ट्र संघ के ह्यूमन राइट्स के हाई कमिश्नर व जनरल असेंबली के प्रेसिडेंट द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित मीटिंग में भाग लिया हमारे स्वयं सेवक ने

आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, संयुक्त राष्ट्र संघ की जनरल असेंबली ने इस वर्ष दोबारा हमारे स्वयं सेवक को आमंत्रित किया है ! जनरल असेंबली के 77 वें सेशन

पूरे विश्व से न्यूक्लियर वेपन्स की समाप्ति के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ की जनरल असेंबली द्वारा बुलाई गयी हाई लेवल मीटिंग में भाग लिया हमारे स्वयं सेवक ने

आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, न्यूक्लियर वेपन्स (परमाणु हथियार) से हो सकने वाले संभावित खतरों के प्रति गंभीर व सर्वव्यापी जागरूकता लाया जा सके ताकि परमाणु हथियार मुक्त एक

94 देशों की सरकारों द्वारा स्थापित संस्था ने, अपने कार्यों के निस्तारण के लिए “स्वयं बनें गोपाल” समूह को “सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंसी” साइंटिफिक आर्गेनाइजेशन के तौर पर चुना

आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, जैसा कि हमने लगभग 3 वर्ष पूर्व प्रकाशित आर्टिकल में बताया था कि 94 देशों की सरकारों द्वारा स्थापित किये गए विश्व प्रसिद्ध उपक्रम

राष्ट्र भाषा हिंदी के प्रेमियों का सतत प्रयास हुआ कामयाब, पहली बार संयुक्त राष्ट्र संघ के बहुभाषावाद प्रस्ताव में हिंदी का उल्लेख

आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, विश्व की तीसरी सबसे ज्यादा बोले जाने वाली भाषा होने के बावजूद भी, हिन्दी भाषियों को वर्षों का इंतजार करना पड़ा इस सम्मान को

संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था द्वारा दुनिया को “संयुक्त परिवार” का महत्व समझाने वाले कार्यक्रम में भी पार्टिसिपेट किया हमारे स्वयं सेवक ने

आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, जैसा की आप सभी लोगों ने देखा होगा कि “स्वयं बनें गोपाल” समूह ने अपने वर्षों की अथक मेहनत युक्त रिसर्च कार्यों से हमेशा