आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, पिछली सदी (यानी सन 1900) को परमाणु सदी माना जाता है क्योकि पिछली सदी की सबसे महत्वपूर्ण खोज, परमाणु सम्बंधित अविष्कारों को माना जाता
आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, अमेरिका देश में स्थित “एम. आई. टी.” यानी मैसाचूसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (Massachusetts Institute of Technology; https://web.mit.edu/) को पूरे विश्व का नंबर वन इंजीनियरिंग
यह ऐतिहासिक घटना उन स्वार्थी लोगों के लिए बहुत शिक्षाप्रद है जो शादी हो जाने के बाद, बिना किसी मजबूरी के, सिर्फ अपनी एक आरामदायक जिंदगी जीने के लिए, घर
आगामी “शनि जयंती” के शुभ अवसर पर “स्वयं बनें गोपाल” समूह यह आर्टिकल विशेष रूप से प्रकाशित कर रहा है शनि देव को प्रसन्न करके उनके घातक प्रभावों को समाप्त
लगभग 6 माह पूर्व “स्वयं बनें गोपाल” समूह ने अपने प्रकाशित इस आर्टिकल (क्या “भविष्यमालिका” ग्रंथ में वर्णित आश्चर्यजनक भविष्यवाणियां सच हो सकती हैं ?) में एक निष्कर्ष पर बहुत
लम्बे समय से ब्रह्मांड से सम्बंधित सभी पहलुओं पर रिसर्च करने वाले, “स्वयं बनें गोपाल” समूह से जुड़े हुए विद्वान रिसर्चर श्री डॉक्टर सौरभ उपाध्याय (Doctor Saurabh Upadhyay) के निजी
इस कलियुगी भ्रष्ट माहौल में अक्सर “बुद्धिमान” शब्द का प्रयोग उस आदमी के लिए किया जाता है जो लोगों को बेवकूफ बनाकर फायदा कमाता है ! जबकि यह बुद्धिमानी नहीं,