सूर्य का तेज है इस आयुर्वेदिक चूर्ण में

स्वयं प्रत्यक्ष शिव भगवान सूर्य देवता ने इस अति लाभकारी चूर्ण का उपदेश अपने भक्तों को दिया था ! भगवान सूर्य के नाम पर ही इसका नाम लवण भास्कर चूर्ण

जरा गौर से पहचानिए इन आँखों को

कुछ लोग कहते हैं कि आज के आधुनिक युग में भगवान, ईश्वर आदि सब झूठ बातें हैं, और भगवान के बारें में जो कुछ भी कहा सुना या लिखा गया

विश्व सम्राट के खोये हुए पद को दुबारा वापस पाने के लिए ये तो करना ही पड़ेगा

आप एक बड़े ऑफिसर या बिजनेस मैन हैं और अपनी वाइफ और बच्चे के साथ बढ़िया आलिशान घर में रहते हैं और पैसे की कमीं नहीं है, जो आप चाहते

प्यार से हैंडल करना, बहुत जल्दी रोने लगते हैं

जी हाँ इनका ये मनमोहक स्वभाव खुद कई, बड़े बड़े ऋषियों ने देखा और आश्चर्य चकित होकर इनके कई अदभुत नाम रखे ! श्री राधा कृष्ण के युगल सहस्त्र नामों

श्री कृष्ण ने अपने भक्तों की रक्षा के लिए अपने भगवान होने तक की मर्यादा तोड़ दी

किसी भी हद तक जा सकते है कृष्ण अपने भक्त की रक्षा करने के लिए ! इतिहास गवाह है की एक नहीं हजारों बार ऐसा हुआ है की श्री कृष्ण

मौत भयानक नहीं है

याग्वल्क्य ऋषि का एक अलग दर्शन है मृत्यु के बारे में, उनका कहना है की जीवन से पहले भी मृत्यु है और जीवन के बाद भी मृत्यु है, तो मृत्यु

मुझे जान से मार क्यों नहीं देते

ये भीषण चीत्कार है उस भयंकर दर्द की जो दिल में उठता है उस भक्त के, जिसे सिर्फ एक सेकंड के लिए, त्रैलोक्य मोहन लड्डू गोपाल की झलक दिख जाती

आसक्ति में अपमान है !

जी हाँ, यह तय बात है कि इस दुनिया में हम जिन जिन व्यक्तियों/वस्तुओं से जितना ज्यादा आसक्ति रखेंगे (ईश्वर को छोड़कर) उन उन व्यक्तियों/वस्तुओं से उतना ज्यादा दुःख (जो

कितने गुप्त तरीके से छुपा कर रखा गया है दुनिया की सबसे ताकतवर शक्ति को

अगर आप से कोई कहे की दुनिया की सबसे ताकत वर शक्ति आपके पास ही है बस आपको उसे इस्तेमाल करना नहीं आता और अगर कोई आपको उसे इस्तेमाल करना

मौत के नाम से जीव काँप जायेगा अगर तन्मात्राओं में मोह हो

थोडा सा आप समय दीजिये अपने शरीर की चालाकियों और लालच को समझने में क्योकि अगर आप एक बार समझ गए की मन में उठने वाली इच्छा के पीछे क्या

आप कैसे दिखतें हैं और क्या सोचतें हैं, ये भी बता सकता है आयुर्वेद

आयुर्वेद में हर छोटी सी छोटी चीज का बहुत विस्तृत वर्णन है जिसे समझना सबकी बस की बात नहीं है क्योंकि एक तो ये क्लिष्ट देवभाषा संस्कृत के गूढ़ सूत्रों

भक्ति संक्रामक है

16 पूर्ण कलाओं के साथ उस निराकार ब्रम्ह ने आकार लिया जिनका नाम था कृष्ण | ये श्री कृष्ण का अवतार तो स्थूल रूप से लगभग 5000 साल पहले हुआ

सिर्फ ये एक काम करने से आँखों के कई रोगों के नाश होता है

हमारे योग शास्त्र के हठ योग साधना पद्धति में एक क्रिया होती है जिसका नाम है त्राटक ! इस त्राटक को आँखों के सभी रोगों और विकृतियों को नष्ट करने

सबसे बड़ा वैरागी

श्रीमत् भागवत पुराण में भगवान दत्तात्रेय सर्प की निर्मोही पन से प्रभावित थे इसलिए वे सर्प की निर्मोहीपन, निरासक्ति और संग्रह न करने की इच्छा को अनुकरणीय मानते थे। क्योकि