हमारे रिसर्चर की आश्चर्यजनक खोज, ज्यूपिटर प्लेनेट पर स्थित एक नए ब्लैक होल के बारे में और पृथ्वी से बाहर मानव जीवन बसाने में आने वाली कुछ अनजानी बड़ी समस्याओं के बारे में

लम्बे समय से ब्रह्मांड से सम्बंधित सभी पहलुओं पर रिसर्च करने वाले, “स्वयं बनें गोपाल” समूह से जुड़े हुए विद्वान रिसर्चर श्री डॉक्टर सौरभ उपाध्याय (Doctor Saurabh Upadhyay) के निजी

94 देशों की सरकारों द्वारा स्थापित संस्था ने, अपने कार्यों के निस्तारण के लिए “स्वयं बनें गोपाल” समूह को “सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंसी” साइंटिफिक आर्गेनाइजेशन के तौर पर चुना

आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, जैसा कि हमने लगभग 3 वर्ष पूर्व प्रकाशित आर्टिकल में बताया था कि 94 देशों की सरकारों द्वारा स्थापित किये गए विश्व प्रसिद्ध उपक्रम

“स्वयं बनें गोपाल” समूह की ऐसी आश्चर्यजनक खोज, जो पहले ही दिन से किसी भी शारीरिक रोग या सामाजिक समस्या में लाभ पहुँचाना शुरू कर सकती है

“स्वयं बनें गोपाल” समूह अत्यंत आभारी है अपने से जुड़े हुए सभी हाई क्लास रिसर्चर्स का, जो बिना कोई पारिश्रमिक लिए हुए वर्षों से, अत्यंत मेहनतपूर्वक ऐसे नए – नए

राष्ट्र भाषा हिंदी के प्रेमियों का सतत प्रयास हुआ कामयाब, पहली बार संयुक्त राष्ट्र संघ के बहुभाषावाद प्रस्ताव में हिंदी का उल्लेख

आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, विश्व की तीसरी सबसे ज्यादा बोले जाने वाली भाषा होने के बावजूद भी, हिन्दी भाषियों को वर्षों का इंतजार करना पड़ा इस सम्मान को

पूरे विश्व में पहली बार खुलासा कर रहें हैं हमारे रिसर्चर कि, क्या हमारा सोलर सिस्टम बाइनरी है या नहीं और अगर है तो कैसे है

लम्बे समय से ब्रह्मांड से सम्बंधित सभी पहलुओं पर रिसर्च करने वाले, “स्वयं बनें गोपाल” समूह से जुड़े हुए विद्वान रिसर्चर श्री डॉक्टर सौरभ उपाध्याय (Doctor Saurabh Upadhyay) के निजी

Real Aliens Chandrayaan 2 Lander Vikram Moon spaceship rocket satellite universe galaxy sun solar system stars black hole space scientists researchers ISRO Sivan mission Gaganyaan mars

Are aliens behind the break up of Chandrayaan-2 contact with Lander “Vikram”

(This article is English version of previously published Hindi article titled – क्या चंद्रयान -2 के लैंडर ‘विक्रम’ से सम्पर्क टूटने के पीछे एलियंस का हाथ है which was published

(भाग – 2) क्या आपको पता है कि, जैसे – जैसे आप अपनी प्राण ऊर्जा बढ़ाते जाएंगे, वैसे – वैसे एक्यूप्रेशर से आपकी और दूसरों की बिमारी में मिलने वाला लाभ भी आश्चर्यजनक रूप से बढ़ता जायेगा

कृपया इस आर्टिकल को पढ़ने से पहले, इस आर्टिकल के पहले भाग को पढ़ें इस लिंक पर क्लिक करें- (भाग – 1) क्या आपको पता है कि, जैसे – जैसे

(भाग – 1) क्या आपको पता है कि, जैसे – जैसे आप अपनी प्राण ऊर्जा बढ़ाते जाएंगे, वैसे – वैसे एक्यूप्रेशर से आपकी और दूसरों की बिमारी में मिलने वाला लाभ भी आश्चर्यजनक रूप से बढ़ता जायेगा

जैसा की आपने कई बार देखा होगा कि “स्वयं बनें गोपाल” समूह से जुड़े हुए रिसर्चर्स हमेशा इसी प्रयास में लगे रहते हैं कि वे ऐसी क्या बिल्कुल नई जानकारियों,

इससे पहले कि पानी की घनघोर किल्लत से आपको घर – शहर छोड़ना पड़ जाए, तुरंत लागू करवाईये इन 3 उपायों को अपने घर, कॉलोनी/मोहल्ले, शहर में

ये तो अब लगभग सभी को पता चल गया है कि ना केवल विश्व के बल्कि भारत के भी कई दर्जन महानगरों में जमीन के नीचे का पानी एकदम सूख

लिवर, आंत, ह्रदय, किडनी, मूत्रांग, ब्रेन, फेफड़ा, पैंक्रियाज, थायराइड, आँख, बाल, दांत, मसूढ़े, गर्दन, कान, पीठ, गुदा, घुटना, कमर, हड्डियां, त्वचा आदि को स्वस्थ करने के बेहद आसान व प्रभावी उपाय

किसी बिमारी की वजह से या एलोपैथिक दवाओं के लम्बे सेवन की वजह से शरीर के किसी अंग में कोई समस्या पैदा हो गयी हो तो निम्नलिखित नेचुरल तरीकों को

अपार सफलता पाईये दिनचर्या के इन आसान कामों से सभी ग्रहों के अशुभ प्रभावों को समाप्त करके

सबसे पहले ये जानिये की आखिर ऋषियों – मुनियों ने ज्योतिष साइंस की खोज क्यों की थी ? वास्तव में जब ब्रह्मा जी ने हमारी सृष्टि का नया – नया

क्या भक्ति, से प्रारब्ध को भी बदला जा सकता है

“स्वयं बनें गोपाल” समूह से अक्सर कई आस्तिक पाठक भी अपने मन में उठने वाली इस सामान्य शंका के बारें में पूछतें रहतें हैं कि उन्हें योग की भक्ति शाखा