ईश्वरीय खोज की अंतहीन गाथा : निराशा भरी उबन से लेकर ख़ुशी के महा विस्फोट तक

कभी कभी बड़े से बड़े भक्तों के मन में भी प्रश्न आता है कि, क्या लगातार ईश्वर को देखने से उबन (बोरियत) नहीं होगी ? और अगर बोरियत होगी तो

जानिये बच्चों के डायपर से हो सकने वाली हानियाँ

दुनिया दिन ब दिन सुविधा भोगी होती जा रही है और इसी सुविधा भोगी मानसिकता की तीव्र उत्कंठा के हजारों उदाहरणों में से एक है अपने नवजात बच्चों के लिए

विभिन्न कैंसर पैदा करने वाली शराब, बियर, शैम्पेन आदि की लत से कैसे पायें छुटकारा

हर नशा करने वाला जानता है कि नशा करने से एक ना एक दिन उसे कोई घातक रोग लग सकता है पर वो यह सोचकर अपने दिल को झूठी दिलासा

एजुकेशन हाई है तो क्या ह्यूमैनिटी के गुण भी हाई हैं ?

इंग्लिश भाषा की एक फेमस कहावत है कि “चाइल्ड इज द फादर ऑफ़ मैन” इसलिए आज के बच्चों की बचपन की ही ट्रेनिंग, भविष्य के पूरे समाज की दिशा तय

श्री मालवीय जी जिन्हें शिव का अवतार मानते थे ऐसे दिगम्बर बाबा श्री हरिहर जी

भारत भूमि का पृथ्वी पर अपना एक विशिष्ट स्थान है क्योंकि यहाँ एक से बढ़कर एक दिव्य तीर्थ स्थल हैं (जैसे – हिमालय, वृन्दावन, जगन्नाथपुरी, अयोध्या, विन्ध्याचल, द्वारिका, रामेश्वरम, काशी

एक्यूप्रेशर चिकित्सा द्वारा दाम्पत्य जीवन के प्रति अनिच्छा का इलाज

आजकल की महानगरीय जीवन शैली की वजह से अक्सर नव विवाहित जोड़ों में अपने शादी के प्रति उत्साह कुछ ही वर्षों में कम होने लगता है ! आईये जानने की

कैंसर एडवांस्ड स्टेज पर करते हैं भीषण प्रहार ये प्राकृतिक उपाय

जब शत्रु प्रबल हो और लड़ने के लिए समय भी इफरात ना हो तो बहुत जबरदस्त मोर्चाबंदी करनी पड़ती है शत्रु को कुचल डालने के लिए ! कैंसर (कर्कट रोग)

सर्प बदले केचुल तो सर्पासन क्या करे ?

हम यहाँ बात कर रहें है, बहुत ही साधारण से दिखने वाले आसन,– “सर्पासन” की, जिसे भुजंगासन (या कोबरा पोज़) भी कहतें हैं ! देखा जाय तो इसे करने वाले

क्या सिर्फ प्राणायाम को करने से साक्षात ईश्वर का दर्शन भी प्राप्त किया जा सकता है ?

कई योगी मानसिकता के ऐसे लोग भी होतें हैं (जिनमें काफी गृहस्थ भी होतें हैं) जो सिर्फ योग (हठ योग) के माध्यम से, मानव शरीर मिलने के असली उद्देश्य अर्थात

सिर्फ 10 मिनट में ही हर तरह की शारीरिक व मानसिक कमजोरी दूर करना शुरू कर देता है यह परम आश्चर्यजनक उपाय

पश्चिमी देशों के खोखले कल्चर का अंधाधुंध अनुसरण कर अपने आप को मॉडर्न, क्लासी बनने वाले ऐसे मूर्ख भारतीय जो अपने अनंत वर्ष पुराने भारतीय सनातन धर्म को मात्र अंधविश्वास

अकाल मृत्यु क्या होती है ?

इसका जवाब है कि, अकाल मृत्यु जैसी कोई चीज नहीं होती है ! क्योंकि जब तक काल नहीं आता तब तक कोई मरता ही नहीं अर्थात कोई भी जीव कभी

नारदजी की तरह हम सभी जो यह दुनिया देख रहें वह असली नहीं, मात्र एक सपना है

शास्त्रों में दिए गए इस महा वाक्य का क्या मतलब है;- “ब्रह्म (ईश्वर) सत्य, जगत मिथ्या” ? यह मात्र कोई उपदेश नहीं है, यह एक 100 प्रतिशत शुद्ध सच है

जो गलती सत्यभामा जी ने की, वही आज भी बहुत से लोग कर रहें हैं

यह सत्य घटना महाभारत काल की है जब कुरुक्षेत्र में एक भव्य उत्सव का आयोजन चल रहा था ! भगवान श्री कृष्ण भी द्वारिकावासियों के साथ मेले में आए हुए

गोमूत्र से काफी कमाई करवा सकती हैं 1 गाय माता

इससे ज्यादा आरामदायक और पुण्यवर्धक बिजनेस कोई और नहीं है ! ये इतना आसान बिजनेस है कि कोई भी किशोर, कोई भी घरेलु महिला या कोई कमजोर बुजुर्ग भी इसे

क्या वैज्ञानिक पूरा सच बोल रहें हैं बरमूडा ट्राएंगल के बारे में

लम्बे समय से ब्रह्मांड से सम्बंधित सभी पहलुओं पर रिसर्च करने वाले, “स्वयं बनें गोपाल” समूह से जुड़े हुए विद्वान रिसर्चर श्री डॉक्टर सौरभ उपाध्याय (Doctor Saurabh Upadhyay) के निजी