सिर्फ 10 मिनट में ही हर तरह की शारीरिक व मानसिक कमजोरी दूर करना शुरू कर देता है यह परम आश्चर्यजनक उपाय

पश्चिमी देशों के खोखले कल्चर का अंधाधुंध अनुसरण कर अपने आप को मॉडर्न, क्लासी बनने वाले ऐसे मूर्ख भारतीय जो अपने अनंत वर्ष पुराने भारतीय सनातन धर्म को मात्र अंधविश्वास

अकाल मृत्यु क्या होती है ?

इसका जवाब है कि, अकाल मृत्यु जैसी कोई चीज नहीं होती है ! क्योंकि जब तक काल नहीं आता तब तक कोई मरता ही नहीं अर्थात कोई भी जीव कभी

नारदजी की तरह हम सभी जो यह दुनिया देख रहें वह असली नहीं, मात्र एक सपना है

शास्त्रों में दिए गए इस महा वाक्य का क्या मतलब है;- “ब्रह्म (ईश्वर) सत्य, जगत मिथ्या” ? यह मात्र कोई उपदेश नहीं है, यह एक 100 प्रतिशत शुद्ध सच है

जो गलती सत्यभामा जी ने की, वही आज भी बहुत से लोग कर रहें हैं

यह सत्य घटना महाभारत काल की है जब कुरुक्षेत्र में एक भव्य उत्सव का आयोजन चल रहा था ! भगवान श्री कृष्ण भी द्वारिकावासियों के साथ मेले में आए हुए

6000 से 10,000 रूपए हर महीने गोमूत्र से कमाई करवा सकती हैं सिर्फ 1 गाय माता

इससे ज्यादा आरामदायक और पुण्यवर्धक बिजनेस कोई और नहीं है ! ये इतना आसान बिजनेस है कि कोई भी किशोर, कोई भी घरेलु महिला या कोई कमजोर बुजुर्ग भी इसे

क्या वैज्ञानिक पूरा सच बोल रहें हैं बरमूडा ट्राएंगल के बारे में

लम्बे समय से ब्रह्मांड से सम्बंधित सभी पहलुओं पर रिसर्च करने वाले, “स्वयं बनें गोपाल” समूह से जुड़े हुए विद्वान रिसर्चर श्री डॉक्टर सौरभ उपाध्याय (Doctor Saurabh Upadhyay) के निजी

स्मॉग से बचा सकता है ये प्राणायाम

दिल्ली एनसीआर में अजीब घुटनपूर्ण माहौल हो चुका है ! अमीर, गरीब, शासक, जनता सभी वातावरण में फैले इस जहर से आतंकित हो चुके हैं ! ऐसे कठिन माहौल में

बहुतों को हॉस्पिटल पहुँचाने वाले डायबिटीज का शीघ्र करिए खात्मा नेचुरल तरीके से

आईये सर्वप्रथम सामान्य भाषा में जानने की कोशिश करते हैं कि आखिर डायबिटीज (diabetes) है क्या और क्या हैं इसके प्रथम द्रष्टया लक्षण- डायबिटीज (जिसको मधुमेह या शुगर भी कहते

ईश्वर को पिता समझने के भ्रम से उबरें क्योंकि ईश्वर पिता नहीं, सखा (मित्र) है : श्री वेदव्यास (ब्रह्म सूत्र)

वास्तव में ब्रह्मर्षि वेदव्यास भगवान श्री कृष्ण के चरित्र के हर आयाम से बहुत इम्प्रेस (प्रभावित) थे इसलिए उन्होंने श्री कृष्ण पर बहुत रिसर्च किया था और उस रिसर्च से

वो अपने

जो अपने कभी मेरे बहुत करीब थे आज वही मेरे बुरे वक्त के दर्पण में अपना वो वास्तविक अक्स छोड़ गए जो मेरी कल्पना से भी परे था ! आज