गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 40 (समस्त उलझनों की एक हल-माँ गायत्री)

अन्धे होने पर भी सर्व शास्त्र पारंगत- आर्य समाज के स्थापक नैष्ठिक ब्रह्मचारी स्वामी दयानन्द जी के गुरु प्रज्ञाचक्षु स्वामी श्री विरजानन्द जी सरस्वती ने अनेक कष्ट सहते हुए तीन

सिर्फ हमारी ये आधे घंटे की रोज की मेहनत पूरे देश का निश्चित कायाकल्प कर देगी

आखिर क्या करूं, अब नहीं ही सोने दे रही है मातृ भूमि की चिन्ता ! अन्दर की बौखलाहट अब चरम पर पहुँच रही है ! कुछ समझ में नहीं आ

झगड़ालू, बदतमीज स्वभाव बदलने और नशे की लत छुड़ाने का सबसे आसान तरीका

किसी एक आदमी के गंदे स्वभाव की वजह से या पूरे परिवार के सभी लोगों के झगड़ालू स्वभाव की वजह से घर तबाही के कागार पर पहुच रहा हो तो

मौत के तुरन्त पहले इन तरीकों से मिलता है नरक व निम्न योनि से छुटकारा

कोई मरने वाला हो तो भी आखिरी सेकेंड तक उसे बचाने का भरसक प्रयास जरूर करना चाहिए लेकिन जन्म और मरण कभी भी इन्सान के हाथ में नहीं होता है

जाओ कह दो हर देशप्रेमी से, ना हम भागे, ना ही हमने घुटने टेके

अंग्रेजों के बहुत लंबे शासनकाल से सन 1947 तक भारत माँ को आजादी दिलाने के लिए कई देशभक्त क्रांतिकारियों ने हसंते हसंते अपनी जान गवाई थी और 1947 से अब

जानिये सोना फसल उगाने वाली आयुर्वेदिक खाद व कीटनाशक का जबरदस्त फार्मूला

बिल्कुल समझ में नहीं आता कि आखिर खेतों में महंगे केमिकल्स युक्त फर्टिलाईजर्स और पेस्टीसाइड्स को डालने की जरूरत है ही क्यों, जबकि इनसे कई गुना ज्यादा फसल की पैदावार,

डायबिटिज, पथरी, हार्ट, खून, मोटापा, पीलिया, सांस, खसरा, लिवर, बवासीर रोगों में फायदा करेला

करेला जैसे कड़वी सब्जी से भी बेहद स्वादिष्ट सब्जियां बनती है अगर बनाना आता हो तो ! आजकल की कई सो कॉल्ड हाई स्टेटस की मॉडर्न महिलायें दुनिया भर के

कौन कहता है ब्लड प्रेशर आयुर्वेद से कण्ट्रोल नहीं हो सकता

बड़ा दुःख होता है जब पढ़े लिखे लोग मूर्खता वाले तरीके से आयुर्वेद (Ayurveda) का मजाक उड़ाते हुए कहते हैं कि, अरे इन आयुर्वेदिक चटनी चूरन (Ayurvedic Medicines) से कभी

बहुमूत्र का आसान आयुर्वेदिक इलाज

ठण्ड की वजह से बार बार पेशाब महसूस हो तो ये कोई बीमारी नहीं है पर अगर हर मौसम में सामान्य आदमी की तुलना में ज्यादा बार पेशाब जाना पड़े

मातृ भूमि कि रक्षा के लिए अंतरात्मा कर रही पुकार कि,- “स्वयं बनें गोपाल”

साल में एक बार गोपाल जी का जन्म महोत्सव खूब भव्य चकाचौंध के साथ से मना लेने से या घर पर कोई पंडित बुलाकर गलत – सही मंत्रोच्चार वाली पूजा