(भाई राजीव दीक्षित सही मायने में आधुनिक युग के निर्भीक कान्तिकारी थे जिन्होंने कानपुर आई आई टी से M. TECH और अन्य कई बड़े साइंस प्रोजेक्ट से जुड़ने के बावजूद अपना सुनहरा वर्तमान और...
प्रभूदयाल शर्मा, संपादक सनादय-जीवन लिखते हैं कि मेरे बड़े पुत्र की स्त्री को कई वर्ष तक एक प्रेतात्मा लग गई थी। उससे उसे बड़ा कष्ट होता था। बार-बार बेहोश हो जाती थी। उसे कभी...
पद्मनाभ मंदिर – पद्मनाभ मंदिर, केरल में वो रहस्यमयी मंदिर है जहाँ पर प्राचीन काल से अनगिनत धनराशि सहेज कर रखी गयी है। इस मंदिर की देखभाल त्रावणकोर का राज परिवार करता है जो...
पं० बालचरण मिश्र, नसरुल्लाह गंज, लिखते हैं कि मेरे पिता जो इटावा जिले के निवासी थे श्री गायत्री के पक्के उपासक थे। प्रात: काल 4 बजे उठकर शौच क्रिया स्नान आदि के बाद सन्ध्या...
काशी विश्वनाथ मंदिर – श्री काशी धाम के कण-कण में अतुलनीय चमत्कार भरे पड़ें हैं बस जरूरत है उन्हें महसूस कर पाने की पात्रता की ! प्रलयकाल में भी इसका लोप नहीं होता। उस...
श्री शोभाराम गाप, शंकरपुर, लिखते हैं कि हमारा भतीजा राम किशोर बड़े उत्साही स्वभाव का था। सब कामों में आगे रहता था। साथियों को पहलवानी करने का शौक हुआ तो वह भी अखाडें जाने...
शिंगणापुर का शनि मंदिर – देश में सूर्यपुत्र शनिदेव के कई मंदिर हैं। उन्हीं में से एक प्रमुख है महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित शिंगणापुर का शनि मंदिर। विश्वप्रसिद्ध इस शनि मंदिर की...
चौकिया माता मंदिर – उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में चौकिया मंदिर शीतला माता का अति प्रसिद्ध और अति प्राचीन मंदिर है जिसे आदि शक्ति विन्ध्याचल माँ की चौकी भी कहते है। नियम है...
श्री प्रहद चन्द गोयल, भाखरी, लिखते हैं कि मेरे लड़के चि. लालचन्द का शरीर 16 वर्ष की आयु तक बिल्कुल स्वस्थ रहा उसमें कोई रोग या खराबी न थी, पर इसके बाद उसे चर्म...
श्री स्वामी राजेन्द्र दास जी महाराज – बाबा राजेन्द्र दास जी महाराज की गणना भारत के उच्तम विद्वानो में से की जाती है। ये वृन्दावन में स्थित गोपेश्वर महादेव मन्दिर के निकट मलूक पीठ के अध्यक्ष...
श्री हरमानभाई पटेल, सदनपुरा, लिखते हैं कि गायत्री माता द्वारा उपार्जित शक्ति का मैंने प्रथम बार उपयोग किया और वह बहुत ही सफल रहा। मेरे बड़े भाई डाहभाई के पेट में कुछ दिन पूर्व...
आयुर्वेद इस भूमण्डल में स्वास्थ्य एवं रोग निवारण के ज्ञान का सर्वप्रथम स्रोत है। वैसे तो यह ज्ञान प्रकृति की उत्पत्ति के साथ ही उत्पन्न हुआ लेकिन इसका नामकरण भगवान धन्वन्तरि जी द्वारा किया...
त्रिभुवन का स्वामी, भक्तों का दास है, वही महा रास है ! आत्मा परमात्मा के मिलन की जो रात है वही महा रास है, वही महा रास है ! शरद पूर्णिमा वही महान रात्रि...
आजकल कई महिलाओं के अन्दर बाँझपन की समस्या आ रही है, मतलब वो महिलाये कभी भी माँ बन नहीं सकती हैं और उनकी इस समस्या के कारण के बारे जो संदेह जाहिर किया है...
धन तेरस मौका है धन के राजा कुबेर के साथ स्वास्थ के देवता भगवान धन्वन्तरी का आशीर्वाद पाने का ! धन तेरस की पूजा शुभ मुहुर्त में करनी चाहिए ! सबसे पहले श्री कुबेर...
दीपावली केवल, गिफ्ट लेकर परचितों के घर जा जाकर हैप्पी दीवाली – हैप्पी दीवाली कहने की रात नहीं हैं ! केवल इसी सत्य को जानकर ही दीपावली के असली महत्व का पता लग जाता...